मंत्रिमंडल ने आईपीआर पर भारत और कनाडा के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और कनाडा के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अपनी पूर्व-व्यापी मंजूरी दे दी है. इस एमओयू का उद्देश्य दोनों देशों में नवोन्मेषण, रचनाशीलता एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.
यह समझौता ज्ञापन एक व्यापक और लचीले संरचना की स्थापना करता है, जिसमें दोनों देश सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और आईपीआर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा तकनीकी विनिमयों पर एकजुट होकर काम कर सकते हैं.
दोनों देशों के नागरिकों, व्यवसायों तथा सार्वजनिक संस्थानों के बीच आईपी जागरूकता बढ़ाने पर सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों, अनुभवों एवं ज्ञान का आदान-प्रदान करना हैं.
मंत्रिमंडल ने न्यायिक सहयोग के क्षेत्र में भारत और जांबिया के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने न्यायिक सहयोग के क्षेत्र में भारत और जांबिया के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दे दी है. हाल के वर्षों में भारत और जांबिया के बीच सामाजिक,सांस्कृतिक और वाणिज्यक संबंध सार्थक दिशा में विकसित हुए हैं.
न्याय के क्षेत्र में सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध और मजबूत होंगे और न्यायिक सुधारों को नई दिशा मिलेगी.
मंत्रिमंडल ने भारत तथा ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतराष्ट्रीय अपराधों से मुकाबला करने और गंभीर संगठित अपराध से निपटने के लिए सहयोग और सूचना आदान-प्रदान पर भारत तथा ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी है.
भारत और ब्रिटेन के बीच अपराध से हुई प्राप्तियों तथा अपराध के उपायों (करेंसी ट्रांसफर शामिल अपराध सहित) तथा आतंकवादी कोषों की खोज, रोक और जब्ती के लिए पहले से ही समझौता है. इस समझौते पर 1995 में हस्ताक्षर किए गए थे.
दोनों देश अंतराष्ट्रीय अपराध और गंभीर संगठित अपराधों से लड़ने में सहयोग को मजबूत बनाना चाहते हैं. इस समझौता ज्ञापन से सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत होगा और पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा.
मंत्रिमंडल ने भारत और दक्षिण एशिया सहकारी पर्यावरण कार्यक्रम के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दक्षिण एशियाई समुद्री क्षेत्र में तेल तथा रासायनिक प्रदूषण पर सहयोगके लिए भारत और दक्षिण एशिया सहकारी पर्यावरण कार्यक्रम (एसएसीईपी) के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दे दी है.
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भारत और दक्षिण एशियाई समुद्री क्षेत्र के देश यानी बांग्लादेश, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच क्षेत्र में समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के लिए घनिष्ठ सहयोग को प्रोत्साहित करना है.
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय कौशल विकास कोष (एनएसडीएफ) और राष्ट्रीय विकास निगम (एनएसडीसी) के पुनर्गठन को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शासकीयक्षमता, क्रियान्वयन और निगरानी फ्रेमवर्क को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास कोष (एनएसडीएफ) और राष्ट्रीय विकास निगम (एनएसडीसी) के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है.
इस पुनर्गठन से एनएसडीसी के कामकाज में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही तथा बेहतर कॉरपोरेट शासकीय क्षमता सुनिश्चित होने के साथ ही एनएसडीएफ की निगरानी भूमिका भी सशक्त बनेगी. अनुमोदित प्रस्ताव से एनएसडीएफ बोर्ड के संरचनात्मक पुनर्गठन के साथ ही एनएसडीसी की शासकीय क्षमता, क्रियान्वयन और निगरानी फ्रेमवर्क को मजबूती मिलेगी.
मंत्रिमंडल ने शिक्षा ऋण योजना के लिए ऋण गांरटी कोष को जारी रखने तथा इसमें संशोधन करने की मंजूरी दी
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने शिक्षा ऋण योजना के लिए ऋण गांरटी कोष (सीजीएफईएल) को जारी रखने और केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी (सीएसआईएस) योजना को जारी रखने और उसमें संशोधन करने की स्वीकृति दे दी है. दोनों योजनाएं 6,660 करोड़ रूपये के आवंटन के साथ 2017-18 से 2019-20 तक जारी रहेंगी. इस अवधि में 10 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध होंगे.
गुणवत्ता शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजनाएं उन ऋणों को कवर करेगी जो एनएएसी से मान्यता प्राप्त संस्थान और एनबीए या राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों या केंद्र वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों (सीएफटीआई) द्वारा मान्यता प्राप्त पेशेवर/तकनीकी कार्यक्रमों को आगे जारी रखने के लिए है. लेकिन यह स्थिति संभावित प्रभाव से लागू होगी और वर्तमान ऋणों में लागू नहीं होगी.
मंत्रिमंडल ने सरसों के तेल को छोड़कर अन्य सभी खाद्य तेलों के थोक में निर्यात की अनुमति दी
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने सरसों के तेल को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के खाद्य तेलों के बड़ी मात्रा में निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सरसों के तेल के लिए 900 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के न्यूनतम मूल्य पर पांच किलोग्राम के उपभोक्ता पैक में निर्यात की अनुमति जारी रहेगी.
आर्थिक मामलों की समिति ने खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभागके सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को अधिकार सम्पन्न बनाने कीभी स्वीकृति दे दी है. समिति को घरेलू उत्पादों और मांग, घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय कीमतों तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की मात्रा के आधार पर विभिन्न प्रकार के खाद्य तेलों की आयात-निर्यात नीति की समीक्षा करने तथा उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध, पूर्व पंजीकरण, न्यूनतम निर्यात मूल्य तय करने और आयात शुल्क में बदलाव के संबंध में आवश्यक उपाय करने का अधिकार होगा.
खाद्य तेलों का उपभोक्ता पैक में निर्यात करने तथा समय-समय पर उनका न्यूनतम निर्यात मूल्य तय करने का वाणिज्य सचिव की अध्यक्षता वाली अंतर-मंत्रालय समिति का अधिकार समाप्त कर दिया गया है.
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के कार्य क्षेत्र में वृद्धि को मंजूरी दी
आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति ने प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) के कार्य क्षेत्र में वृद्धि को अपनी मंजूरी दी हैं. भारत सरकार अब सभी क्षेत्रों के लिए नये कर्मचारी के पंजीकरण की तिथि से पहले तीन वर्षों के लिए नियोक्ता के पूर्ण ग्राह्य योगदान में योगदान देगी, जिसमें वर्तमान लाभार्थियों के तीन वर्षों की उनकी शेष अवधि का योगदान भी शामिल है.
इस योजना के काफी प्रेरणादायी परिणाम प्राप्त हुए है और औपचारिक रोजगार में लगभग 31 लाख लाभार्थी सम्मिलित हुए हैं, जिसमें 500 करोड़ रूपये से अधिक का व्यय शामिल है. अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे तथा और अधिक रोजगार का सृजन होगा.
मंत्रिमंडल ने फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दर निर्धारित करने को मंजूरी दी
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने 2018-19 की अवधि में फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दर निर्धारित करने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
आर्थिक मामलों की समिति ने उर्वरक विभाग को आवश्यकतानुसार निर्धारित दरों के आधार पर सब्सिडी जारी करने के लिए अधिकृत किया है. यह दर उस वित्त वर्ष या अगले वित्त वर्ष के हिसाब से फरवरी और मार्च में जिलों द्वारा फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों की विशेष श्रेणी या मात्रा पर प्राप्त की गई दरों में जो भी कम होगी के आधार पर निर्धारित की जाएगी.
मंत्रिमंडल ने कृषि विज्ञान केंद्रों की निरंतरता, सुदृढ़ीकरण और स्थापना को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2019-20 तक कृषि विज्ञान केंद्रों की निरंतरता, सुदृढ़ीकरण और स्थापना को मंजूरी दे दी. वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2020 तक की अवधि के लिए केवीके योजना (कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय सहित) का वित्तीय परिव्यय 2,82,400.72 लाख रुपये का होगा.
वर्षा जल के संचयन, एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) के प्रसंस्करण, मत्स्य बीज के उत्पादन, आईसीटी आधारित सेवाओं, हरित कृषि और मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण के लिए भी सहायता दी जाएगी.
मंत्रिमंडल ने पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना और शहर कम्पोस्ट योजना को जारी रखने की स्वीकृति दी
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) तथा शहर कम्पोस्ट योजना 12वीं पंचवर्षीय योजना से आगे 2019-20 तक जारी रखने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. दोनों योजनाओं को 2019-20 तक जारी रखने पर 61,972 करोड़ रुपये का कुल व्यय होगा.
योजना के लिए खर्च वास्तविक आधार पर होगा क्योंकि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने में उर्वरक बनाने वाली कंपनियों को सब्सिडी दर पर किसानों को बेचे गए खाद पर सौ प्रतिशत सब्सिडी के भुगतान का प्रावधान है.
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