पाकिस्तान ने 26 अप्रैल 2019 को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहे अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं.
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह पाकिस्तानियों के वीजा पर रोक लगा सकता है और इसकी शुरुआत उसके वरिष्ठ अधिकारियों से हो सकती हैं. पाकिस्तान में दूतावास संबंधित कामकाज में अभी के लिए ‘‘कोई बदलाव नहीं’’ है. लेकिन संघीय रजिस्ट्रर अधिसूचना में उल्लेखित प्रतिबंध के परिणामस्वरूप अमेरिका पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रोक सकता है, जिसकी शुरुआत उसके वरिष्ठ अधिकारियों से हो सकती है.
मुख्य बिंदु:
• पाकिस्तान उन दस देशों की सूची में नया देश है जिन पर अमेरिकी कानून के तहत प्रतिबंध लागू किए गए है, जिसके अनुसार जो देश प्रत्यर्पित किए गए और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रह रहे अपने नागरिकों को वापस नहीं लेंगे उन देशों के नागरिकों को अमेरिकी वीजा नहीं दिया जाएगा.
• पाकिस्तान दुनिया के उन दस राष्ट्रों की सूची में शामिल है, जिन पर अमेरिकी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है.
• इस कानून के अनुसार इन प्रतिबंधित राष्ट्रों के नागरिकों को वीजा से अधिक रहने या वीजा वापस लेने से इंकार करने पर अमेरिकी वीजा से वंचित किया जाएगा.
• अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान और धाना को इस वर्ष इस सूची में शामिल किया है. इसके पहले साल 2001 में गुयाना, साल 2016 में गाम्बिया, कंबोडिया, इरिट्रिया, गिनी और साल 2017 में बर्मा और लाओस शामिल हैं.
• अमेरिका ने साल 2018 में 38 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने से इंकार किया था.गौरतलब है कि अमेरिका ने पहले ही पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद पर रोक लगा रखी है.
पाकिस्तान पर प्रभाव:
अमेरिका और पाकिस्तानी सरकारों के बीच चल रही चर्चा का एक द्विपक्षीय मुद्दा है. यह प्रतिबंध उन पाकिस्तानी लोगों के लिए कठिनाई पैदा करेगा, जो अमेरिका की यात्रा करना चाहते हैं या करने की योजना बना रहे हैं, अगर पाकिस्तानी अधिकारियों ने निर्वासन के लिए अमेरिकी कानून को नजरअंदाज नहीं किया है, तो इससे बचा जा सकता है. पाकिस्तान ने पहले भी अमेरिका से निर्वासित कई नागरिकों को रखने से इनकार कर दिया है. बता दें कि अमेरिका ने साल 2018 में लगभग 38 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने से इनकार किया था.
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