‘माई नेम इज अबू सलेम’: एस हुसैन जैदी
एस हुसैन जैदी द्वारा लिखी गई अबू सलेम की आत्मकथा ‘माई नेम इज अबू सलेम’ पेंग्विन प्रकाशन द्वारा 16 नवंबर 2014 को प्रकाशित की गई.
इस पुस्तक में अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम के सभी तथ्यों पर प्रकाश डाला गया. इस पुस्तक में बताया गया है कि मुंबई से जुड़े अन्य गैंगस्टर्स की अपेक्षा अबू सलेम ने अपने जीवन में अधिक उतार चढ़ाव देखें थे. इस पुस्तक में अबू सलेम के निजी जीवन और आपराधिक जीवन के साथ साथ फिल्म अभिनेत्री रही मोनिका बेदी से उसके संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया.
प्रसिद्ध संगीतज्ञ गुलशन कुमार के हत्यारोपी और वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाकों के मुख्य आरोपी डेविड इब्राहिम के विषय में भी इस किताब में जानकारी दी गयी. इसके अतिरिक्त अबू सलेम द्वारा बालीबुड के कई नामी हस्तियों की हत्या के प्रयास तथा उनके साथ उसके आतंरिक संबंधों के विषय में भी इस किताब में चर्चा की गयी.
षड़यंत्र-
यह किताब जारी होने के बाद ही विवादों के घेरे में आ गई. टाडा कोर्ट ने 25 नवंबर 2014 को इसके लेखक, पूर्व पत्रकार ‘एस. हुसैन जैदी’ और इसके प्रकाशक ‘पेंग्विन’ को नोटिस जारी किया. यह नोटिस अबू सलेम द्वारा टाडा कोर्ट को दिए गए एक आवेदन के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि उसके नाम पर किताब जारी करके ‘प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट’ का उल्लंघन किया गया है. सलेम ने टाडा कोर्ट को दिए अपने आवेदन में यह भी कहा है कि बिल्डर प्रदीप जैन की वर्ष 1995 में हुई हत्या का मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि किताब में उसे इस मामले में हत्यारा बताया गया है.
एस. हुसैन जैदी
मुंबई निवासी एस. हुसैन जैदी एक भारतीय लेखक और पूर्व खोजी पत्रकार हैं. उन्होंने ‘डोंगरी टू दुबई’ नामक किताब भी लिखी है.
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