दिल्ली राज्य सरकार ने नौ सदस्यीय 'दिल्ली संवाद आयोग’ (Delhi Dialouge Commission, डीडीसी) के गठन को मंजूरी प्रदान की. यह मंजूरी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 27 फरवरी 2015 को दी गई. आम आदमी पार्टी ने 'दिल्ली संवाद आयोग’ को 'सलाहकार समिति' का नाम दिया.
'दिल्ली संवाद आयोग’ की संरचना
'दिल्ली संवाद आयोग’ (Delhi Dialouge Commission, डीडीसी) में अध्यक्ष सहित कुल नौ सदस्य होंगें. मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को 'दिल्ली संवाद आयोग’ (Delhi Dialouge Commission, डीडीसी) का अध्यक्ष तथा आशीष खेतान को उपाध्यक्ष बनाया गया.
'दिल्ली संवाद आयोग’ के सदस्यों में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, मुख्य मंत्री के सचिव, आयोग के उपाध्यक्ष, दो मनोनीत सदस्य तथा एक सदस्य सचिव शामिल होंगे. आयोग के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल इसके दो मनोनीत सदस्यों को नामित करेंगे.
'दिल्ली संवाद आयोग’ का कार्य
• दिल्ली की जनता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यावरण समेत सभी महत्वपूर्ण विषयों पर बात कर उनकी समस्या को दिल्ली राज्य सरकार तक पहुंचाना.
• सरकारी विभागों द्वारा उनका समाधान सुनिश्चित करना.
• अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर कमेटी या टास्क फोर्स का गठन करना.
• शिक्षा व्यवस्था में सुधार, महिला सुरक्षा, यमुना सौन्दर्यीकरण, सीसीटीवी तथा वाईफाई लगाने, कूड़ा प्रबन्धन व सफाई अभियान तथा स्वच्छ उर्जा जैसे विषयों पर सरकार को सलाह देना.
• इस कमीशन के द्वारा जनता के विचार लिए जाएंगे तथा सरकार द्वारा उनकी आकांक्षाओं की पूर्ति की जाएगी.
• यह कमीशन बेहतर ढंग से सरकार संचालन के लिए जनता से संवाद करेगा तथा सरकार के कामों में बेहतरीन तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा.
• दिल्ली डायलॉग कमीशन जनता और सरकार के बीच की दूरी तय करेगा तथा सभी विषयों पर जनता के अनुभवों को शामिल करते हुए चुनाव घोषणापत्र के सभी 70 वादों को पूरा करेगा.
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