2 फरवरी 2016 को नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) लिमि. ने रुस के रुसनानो ओजेएससी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया. भारत में परियोजनाओं में संयुक्त निवेश के कार्यान्वयन हेतु रुस– भारत उच्च प्रौद्योगिकी निजी इक्विटी फंड के लिए यह समझौता किया गया है.
दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और भारत में उच्च– तकनीकी निवेश सुविधा मुहैया कराने पर सहमति जताई.
आपसी सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से ये एक संयुक्त कार्य समूह का भी गठन करेंगें और समझौते में दिए गए सिद्धांतों के आधार पर निश्चित समझौते के विकास पर काम भी करेंगे.
नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) लिमि. के बारे में
केंद्र सरकार ने एनआईआईएफ की स्थापना भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के तहत श्रेणी II के वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के तौर पर की थी.
यह सरकार के योगदान से वित्त पोषित होता है और इसमें विदेशी एवं घरेलू रणनीति एंकर भागीदारों दोनों से इक्विटी साझेदार बनने की उम्मीद है. इसमें सरकार की हिस्सेदारी 49 फीसदी की होगी.
एनआईआईएफ का प्रारंभिक अधिकृत कोष 40,000करोड़ रुपयों का है, जिसमें समय– समय पर बढ़ोतरी की जा सकती है.
एनआईआईएफ का उद्देश्य भारत में रुकी हुई परियोजनाओं और राष्ट्रीय महत्व की अन्य परियोजनाओं समेत ग्रीनफिल्ड और ब्राउनफील्ड दोनों ही क्षेत्र के वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं में संरचनात्मक विकास के माध्यम से मुख्य रुप से आर्थिक प्रभाव को अधिकतम बनाना है.
रुसनानो के बारे में
यह एक रूसी विकासात्मक संस्थान है. इसकी रूची भारत में विनिर्माण औद्योगिक उद्यमों की स्थापना वाली परियोजनाओं समेत उच्च प्रौद्योगिकी एवं रक्षा के क्षेत्र की परियोजनाओं में निवेश करना है.
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