भारतीय अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को चार्ल्सटोन-ईएफजी जॉन मेनार्ड केन्स पुरस्कार के लिए चयनित किया गया. इसकी घोषणा ब्रिटेन के रॉयल अकेडमी में 9 फरवरी 2015 को किया गया. अमर्त्य सेन को कल्याणकारी अर्थव्यवस्था पर उनके काम के लिए पुरस्कृत किया गया. अमर्त्य सेन इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले विजेता बनें.
अमर्त्य सेन 23 मई 2015 को चार्ल्सटन समारोह में सालाना चार्ल्सटन-ईएफजी केन्स व्याख्यान भी देंगे जिसका विषय-मितव्ययिता के आर्थिक परिणाम रखा गया है.
डॉ अमर्त्य सेन से सम्बंधित मुख्य तथ्य
• डॉ अमर्त्य सेन का जन्म बांग्लादेश के मानिक गंज में 3 नवंबर 1933 को हुआ था.
• डॉ अमर्त्य सेन ने अपने करियर की शुरुआत पश्चिम बंगाल के जाधवपुर विश्वविद्यालय के अर्थशात्र विभाग में एक अध्यापक के रूप में की.
• उन्होंने वर्ष 1972-77 तक लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनामिक्स में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य किया. उसके बाद वे वर्ष 1977 से 86 तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में आध्यापन का कार्य किए.
• उनकी पुस्तक ‘द आइडिया ऑफ़ जस्टिस’ (2009) का तीस से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया गया.
• डॉ अमर्त्य सेन को 19 जुलाई 2012 को नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय का पहला कुलाधिपति नियुक्त किया गया.
• डॉ अमर्त्य सेन को वर्ष 2011 के लिए यूएस नेशनल ह्यूमेनिटिज मैडल के लिए चुना गया.
• डॉ अमर्त्य सेन को वर्ष 1998 में अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार दिया गया.
• पश्चिम बंगाल के डॉ अमर्त्य सेन भारतीय अर्थशास्त्री हैं.
चार्ल्सटोन-ईएफजी जॉन मेनार्ड केन्स पुरस्कार
चार्ल्सटोन-ईएफजी जॉन मेनार्ड केन्स पुरस्कार ब्रिटिश अर्थशास्त्री कीनेस के सम्मान में शुरू किया गया. इसकी स्थापना 23 मई 2014 को की गई. इसके तहत विजेता को पुरस्कार स्वरूप 7500 पौंड की नगद राशि प्रदान की जाती है.
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