उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश कुमार सिंह यादव ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 302687 करोड़ रूपए का बजट विधानसभा में 24 फरवरी 2015 को पेश किया, जो कि वित्त वर्ष 2014-15 के बजट से 10.2 प्रतिशत अधिक है. मुख्यमंत्री अखिलेश कुमार सिंह यादव, जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, द्वारा प्रस्तुत यह चौथा बजट है. उन्होंने वर्ष 2015-16 को किसान वर्ष के रूप में मनाने की भी घोषणा की.
इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है परन्तु सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़कर 31559.80 करोड़ रुपये होने का आकलन प्रस्तुत किया गया. प्रस्तुत बजट में पूंजीगत परिव्यय के तहत 63154 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो वित्त वर्ष 2014-15 से लगभग 12.8 प्रतिशत अधिक है.
वर्ष 2013-14 के अनुमान के अनुसार उन्होंने उत्तर प्रदेश की विकास दर पांच प्रतिशत होने का दावा किया जो कि राष्ट्रीय विकास दर 4.7 प्रतिशत से अधिक है. राज्य सरकार प्रदेश की विकास दर 10 प्रतिशत करने के लिए प्रयासरत है.
उत्तर प्रदेश बजट 2015-16 की मुख्य विशेषताएं
• तीन लाख दो हजार छह सौ सत्तासी करोड़ बत्तीस लाख रुपये (302687.32 करोड़ रुपये) का बजट प्रस्तुत.
• बजट में 5964.07 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान.
• राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 2.96 प्रतिशत है जबकि ऋणग्रस्तता 27.5 प्रतिशत है.
• वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार का कर्ज बढ़कर 293200 करोड़ रुपये हो जाने अनुमान.
• सरकार को कुल 296723.25 करोड़ रुपये की प्राप्तियां होंगी जबकि खर्च 302687.23 करोड़ रुपये अनुमानित है.
• सरकार का राजस्व बचत 3124.05 करोड़ रुपये अनुमानित.
• बजट में समाजवादी पेंशन योजना, कन्या विद्याधन योजना, कृषि उत्पादन बढ़ाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय विकास एवं ग्राम विकास की योजनाओं के लिए विशेष धनराशि की व्यवस्था.
• लखनऊ मेट्रो के लिए बजट में 425 करोड़ रुपये का प्रावधान.
• वित्त वर्ष 2015-16 में 9388.79 करोड़ रुपये की नयी परियोजनाएं शामिल.
• बजट में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 51517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इसमें सड़कों के लिए 17872 करोड़, विद्युत आपूर्ति के लिए 25764 करोड़ और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 7881 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
• स्वास्थ्य सेवाओं को और सुगम बनाने के लिए 500 नयी एम्बुलेंस खरीदे जाने का प्रस्ताव.
• युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्नाव में स्किल डेवलपमेंट अकादमी बनाने का प्रस्ताव.
• गन्ना किसानों के बकाये के भुगतान के लिए बजट में 2 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था.
• बजट में कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए विकास दर 5 प्रतिशत का आकलन किया गया जबकि देश की कृषि विकास दर 4.7 प्रतिशत है.
• कृषि शिक्षा प्राप्त युवाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए ‘वन स्टाप शॉप’ स्थापित किये जाएंगे, जिनका नाम ‘ एग्री जंक्शन’ होगा.
• कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए संकर एवं प्रमाणित बीजों एवं रासायनिक खादों के अग्रिम भण्डारण के लिए 231 करोड़ रुपए का प्रावधान.
• किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान.
• ग्रामीण क्षेत्रों एवं कृषि के लिए बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
• आपातकाल के दौरान मीसा/डीआईआर/राजनीतिक बंदियों की मौजूदा पेंशन राशि 6000 रुपए से बढ़ाकर 10 हजार करने का प्रावधान.
• स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या उनके आश्रितों को प्रतिमाह मिल रही पेंशन 8811 रुपए को बढ़ाकर 12 हजार करने की व्यवस्था.
• महिला उत्पीड़न रोकने के लिए 100 करोड़ रुपए से महिला सम्मान कोष का गठन.
• निराश्रित महिलाओं व उनके बच्चों की शिक्षा के लिए 637 करोड़ रुपए का प्रावधान.
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