ब्राजील की राष्ट्रपति दिल्मा रौसेफ़ ने संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी पाँच दिवसीय यात्रा के दौरान वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका में 30 जून 2015 को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ जलवायु परिवर्तन पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया.
संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव से इस ग्रह की रक्षा करने के लिए ग्रीन हाउस गैस(जीएचजी) के उत्सर्जन को कम करने की बात कही.
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त वक्तव्य के अनुसार -
• अब दोनों देश विद्युत उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के प्रयोग के स्तर को बढ़ाएंगे इसके लिए 2030 तक 20 प्रतीशत स्तर का लक्ष्य रखा गया है.
• संयुक्त राज्य अमेरिका 2005 के 26 प्रतिशत की तुलना में 2025 तक 28 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करेगा.
• ब्राजील 2030 तक 12 लाख हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण करेगा.
• हाइड्रोफ्लोरोकार्बन(एचएफसी) के प्रबंधन के महत्व को देखते हुए दोनों देशों ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए सहमत हुए.
• द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से एक नए उच्च स्तरीय संयुक्त राज्य अमेरिका ब्राजील जलवायु परिवर्तन कार्य समूह(सीसीडब्ल्यूजी) को स्थापित किया जाएगा. इसके तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलवायु मुद्दों, भूमि के उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों पर निति निर्माण किया जाएगा और महत्वपूर्ण निर्णयलिए जाएंगे.
• वन और भूमि क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय संयुक्त कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा.
विदित हो संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील क्रमश: दूसरे और सातवें शीर्ष जीएचजी उत्सर्जक देश हैं.
इससे पहले अमरीका और चीन ने नवंबर 2014 में, ब्राजील और चीन ने मई 2015 में, यूरोपीय संघ और चीन ने जून 2015 में ऐसे समझौते किए हैं.
कोप 21 में नए प्रोटोकॉल के आने की उम्मीद है जो 2021 में मौजूदा क्योटो प्रोटोकॉल का स्थान लेगा.
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