सारंगी वादक उस्ताद सुल्तान खान का मुंबई में 27 नवंबर 2011 को निधन हो गया. उस्ताद सुल्तान खान का जन्म वर्ष 1940 में राजस्थान के सीकर में हुआ था और उन्हें वर्ष 2010 में पद्मभूषण (भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया गया था.
उस्ताद सुल्तान खान इंदौर घराने से ताल्लुक रखते थे. उन्हें भारत में सारंगी को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है. उस्ताद सुल्तान खान ने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता उस्ताद गुलाब खान से ली. उसके बाद उन्होंने इंदौर घराने के शास्त्रीय गायक उस्ताद आमिर खान से संगीत की बारीकियां सीखी.
उस्ताद सुल्तान खान भारत में फ्यूजन संगीत समूह तबला बीट साईंस के सदस्य रहे. तबला बीट साईंस में उनके अलावा जाकिर हुसैन और बिल लास्वेल भी सदस्य रहे. इसके साथ ही पंडित रविशंकर और मशहूर बैंड द बीटल्स के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. पॉप क्वीन मैडोना के एल्बम के लिए भी उन्होंने सारंगी बजाई.
रिचर्ड एटनबरो की ऑस्कर विजेता फिल्म गांधी में भी उस्ताद सुल्तान खान ने सारंगी की धुन दी. गायिका चित्रा के पिया बसंती एल्बम में उनकी सारंगी धुनों ने उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाया. पिया बसंती एल्बम को एमटीवी का इंटरनेशनल वीवर्स च्वाइस अवार्ड भी मिला था. उस्ताद सुल्तान खान के बेटे साबिर खान भी मशहूर सारंगी वादक हैं.
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