Ajit Pawar Biography in Hindi: चीनी मिल से डिप्टी सीएम बनने तक का सफर, यहां पढ़ें अजीत पवार के बारे में सब कुछ
Ajit Pawar ka Jeevan Parichay : अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नेता के रूप में पहचान रखते थे। हाल ही में प्लेन क्रैश में उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एक चीनी मिल से की थी और इसके बाद उन्होंने लोकसभा सांसद से लेकर विधानसभा चुनावों में अपनी जीत हासिल की और उपमुख्यमंत्री बने।
Ajit Pawar Biography in Hindi: हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े नेता थे। उनके पीछे उनका परिवार रह गया है, जिसमें उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा कद रखने वाले शरद पवार के भतीजे हैं।
उन्होंने शरद पवार की देखरेख में ही अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एक चीनी मिल सदस्य के रूप में की थी। यहां से उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बनने का सफर तय किया था। इस लेख में हम अजीत पवार के जीवन और उनके राजनीतिक करियर के बारे में जानेंगे।
अजीत पवार का प्रारंभिक जीवन
अजीत पवार का जन्म 22 जुलाई, 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा में हुआ था। उनके पिता अनंतराव पवार थे, जो कि मुंबई में राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। वहीं, अनंतराव पवार के भाई शरद पवार हैं, जो कि महाराष्ट्र के बड़े नेता हैं।
कहां हुई शिक्षा
अजीत पवार ने अपनी स्कूली शिक्षा देओलाली में ही की थी। वह उच्च शिक्षा के लिए मुंबई पहुंचे थे, लेकिन उनकी पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने शरद पवार की देखरेख में राजनीति का रूख किया।
कब और कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अजीत पवार पहली बार 1982 में एक सहकारी चीनी फैक्ट्री बोर्ड के लिए चुने गए। इसके बाद उन्होंने 1991 में पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में काम किया और 16 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी।
चाचा के लिए खाली कर दी सीट
साल 1991 में अजीत पवार बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए थे, लेकिन यह सीट उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी थी। बाद में वह विधानसभा चुनावों में खड़े हुए और यहां जीत हासिल करने के बाद बारामती को अपना गढ़ बनाया।
2010 में पहली बार बने डिप्टी सीएम
अजीत पवार ने सत्ता में रहते हुए जल संसाधन, योजना और कृषि जैसे विभागों को संभाला। साल 2010 में वह पहली बार उपमुख्यमंत्री बने। अजीत पवार के बारे में कहा जाता है कि वह अलसुबह से ही काम शुरू कर देते थे और अधिकारियों के बीच उनकी सख्त छवि थी।
2023 में चाचा-भतीजा विवाद
साल 2023 के जुलाई में अजीत पवार ने अपने चाचा शरद पवार के साथ पूरी तरह नाता तोड़ लिया था। वह 40 से अधिक विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार में शामिल हो गए थे। साथ ही, उन्होंने कानूनी रूप से चुनौती देते हुए शरद पवार से NCP का नाम और चुनाव चिह्न यानि कि घड़ी को भी अपना नाम कर लिया था। यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जाता है।
अजीत पवार का परिवार
अजीत पवार अपने पीछे अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार बड़े बेटे पार्थ और छोटे बेटे जय पवार को छोड़ गए हैं। उनके बेटे पार्थ ने भी लोकसभा चुनाव लड़ा है, लेकिन वह हार गए थे।
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