PhD छात्राओं को हर महीने 10 हजार, बिजनेस स्टार्टअप करने पर मिलेंगे इतने पैसे, जानें योजना की पूरी जानकारी
Bihar Balika PhD Fellowship Scheme 2026: बिहार में बेटियों को हाइयर एजुकेशन और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा PhD करने वाली बेटियों के लिए योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। मुख्यमंत्री ने Mukhyamantri Balika PhD Fellowship Scheme और Bihar Ki Beti Startup Challenge Yojana को शुरू किया और करने जा रहा है, जिससे छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
Bihar Balika PhD Fellowship 2026: बिहार में PhD करने वाली बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई है और कई योजनाएं शुरू भी की जा रही है। Mukhyamantri Balika PhD Fellowship Scheme के द्वारा करीब 1 हजार से अधिक छात्राओं को Higher Education और स्टार्टप शुरू करने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।
यह योजना क्यों शुरू की गई है?
बिहार सरकार द्वारा सभी छात्राओं को उच्च शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को शुरू किया गया है। सरकार ने इस साल दो प्रमुख योजनाओं की घोषणा की गई हैं।
1. मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप
2. बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना
Mukhyamantri Balika PhD Fellowship Scheme और Bihar Ki Beti Startup Challenge Yojana
बिहार सरकार द्वारा छात्राओं के लिए दो योजनाएं शुरू की गई है, जिससे छात्राओं को आगे बढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मदद मिल सकें। इन योजनाओं के द्वारा अब सरकार छात्राओं को चार साल तक हर महीन कुछ राशि दि जाएगी।
Mukhyamantri Balika PhD Fellowship Scheme 2026
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप के द्वारा छात्राओं को चार साल तक हर महीने करीब 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह योजना सभी पीएचडी की पढ़ाई और शोध के दौरान एलिजिबल छात्राओं की मदद के लिए आज से शुरू की जा रही है।
Bihar Ki Beti Startup Challenge Yojana 2026
मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही, बेटियों के लिए स्टार्टअप चैलेंज योजना की भी शुरुआत की जाएगी। इसके तहत बेटियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने या अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए करीब 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के जरिए सरकार बेटियों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का फ्लैग-ऑफ
बेटियों की सुरक्षा के लिए भी इस मौके पर सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा छात्राओं के लिए ‘पुलिस दीदी’ नाम की एक योजना ओर शुरू करने जा रहा है। इस पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण और फ्लैग-ऑफ करेंगे।
इस पहल के जरिए स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत और बेहतक करने की कोशिश कि जा रही है। ‘पुलिस दीदी’ द्वारा छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, छात्राओं को जरूरत पड़ने पर उनकी मदद भी दी जाएगी।
Information about schemes via Official Tweets
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस दोनों योजना की जानकारी देते हुए छात्राओं को एक खुशी प्रदान की। यहां से ऑफिशियल ट्वीट देखें।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कर-कमलों द्वारा पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) हेतु 4700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ समारोह।
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) August 26, 2026
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप का शुभारंभ, जिसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को 4 वर्षों तक ₹10,000 प्रतिमाह की सहायता ।
‘बिहार… pic.twitter.com/Te3xlWyS0f
योजना की मुख्य विशेषताएं और सहायता का डिटेल्स
इस सरकारी योजना के अंदर शोध (Research) में जुटी छात्राओं और अपना नया स्टार्टप (Startup) शुरू करने की इच्छुक बेटियों को दो अलग-अलग लेवलो पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जा रही है।
| योजना का नाम | मुख्य लाभार्थी | वित्तीय सहायता | अवधि / डिटेल्स |
| मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप | पीएचडी कर रही योग्य छात्राएं (लगभग 1,000 छात्राएं) | 10,000 प्रति माह | 4 वर्षों तक निरंतर मदद |
| बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना | बिजनेस या नया आइडिया रखने वाली बेटियां | 50,000 से 2,000,000 तक | सीड फंड व स्टार्टअप प्रोत्साहन |
| सुरक्षा पहल | स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राएं | 4,700 स्कूटर व बाइक (पेट्रोलिंग/सुरक्षा के लिए) | छात्र सुरक्षा ढांचा |
छात्रों के लिए ट्रेंडिंग इंफॉर्मेशन और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी बातें
यदि आप एक रिसर्च स्कॉलर हैं या यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ाई कर रही हैं, तो इन प्रमुख बिंदुओं और एलिजिबिलिटी को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है:
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गेट/नेट के बिना भी राहत: अक्सर नॉन-नेट/नॉन-जेआरएफ (Non-NET/Non-JRF) पीएचडी छात्राओं को फेलोशिप नहीं मिलने से आर्थिक तंगी झेलनी पड़ती थी। यह बालिका पीएचडी फेलोशिप ऐसी छात्राओं के लिए वरदान साबित होगी।
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स्टार्टअप आइडिया का चुनाव: अगर आपके पास कृषि (Agri-tech), शिक्षा (Ed-tech), हैंडिक्राफ्ट या आईटी सेक्टर से जुड़ा कोई भी इनोवेटिव आइडिया है, तो आप 'बेटी स्टार्टअप चैलेंज' में अप्लाई करके 2 लाख तक की अनुदान/वित्तीय मदद पा सकती हैं।
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सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का विस्तार: पीएचडी फेलोशिप के अलावा, सिविल सेवा (UPSC / State PCS) प्रीलिम्स निकालने वाली छात्राओं को भी मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
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डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: आवेदन के लिए अपना पीएचडी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक (Aadhaar Seeded), आधार कार्ड, डोमिसाइल (निवास प्रमाण पत्र) और यदि स्टार्टअप है तो एक प्रॉपर प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPT/Proposal) तैयार रखें।
बेटियों के सपनों को लगेंगे पंख
सरकार का यह कदम न केवल बेटियों की ड्रॉपआउट दर को कम करेगा, बल्कि उन्हें नौकरी मांगने वाले से नौकरी देने वाला भी बनाएगा। यदि आप भी रिसर्च या इनोवेशन के क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का सपना देख रही हैं, तो अपने विश्वविद्यालय या आधिकारिक पोर्टल के जरिए इस योजना का लाभ तुरंत उठाएं।
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Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.
A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.