क्या कोई नोबेल विजेता अपना पुरस्कार किसी और को दे सकता है? क्या कहता है नियम
नोबेल सम्मान और धनराशि अहस्तांतरणीय होती है, लेकिन स्वर्ण पदक निजी संपत्ति माना जाता है। इसे उपहार में दिया जा सकता है, बेचा जा सकता है या नीलाम किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 2021 के नोबेल शांति विजेता दिमित्री मुराटोव ने अपना पदक यूक्रेनी शरणार्थियों की मदद के लिए नीलाम किया था, लेकिन विजेता का दर्जा उन्हीं के पास रहा।
हाल ही में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने दावा किया कि उन्होंने व्हाइट हाउस में एक निजी मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना स्वर्ण नोबेल शांति पुरस्कार पदक “प्रस्तुत” किया। मचाडो ने पत्रकारों से कहा कि यह भेंट उन्होंने सम्मान स्वरूप की, ताकि अमेरिका की भूमिका को वेनेजुएला की आज़ादी के संघर्ष से जोड़ा जा सके। जिसके बाद यह चर्चा काफी तेज हो गयी कि क्या कोई नोबेल विजेता अपना अवार्ड किसी और को प्रदान कर सकता है या नहीं.
मचाडो ने क्या कहा:
मचाडो को यह नोबेल शांति पुरस्कार पिछले साल वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के “क्रूर और सत्तावादी शासन” के खिलाफ लड़ाई के लिए मिला था। उन्होंने कहा कि ट्रंप को पदक देने के पीछे उद्देश्य उनकी “हमारी स्वतंत्रता के प्रति अनूठी प्रतिबद्धता” को पहचान देना था। हालांकि, यह तुरंत साफ नहीं हुआ कि ट्रंप ने औपचारिक रूप से इसे स्वीकार किया या नहीं।
ट्रंप की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
बाद में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मारिया ने उनके किए गए काम के सम्मान में अपना नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें भेंट किया है। उन्होंने इसे आपसी सम्मान का प्रतीक बताया और मचाडो को धन्यवाद दिया, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया।
नोबेल पुरस्कार हस्तांतरण पर नियम
नोबेल फाउंडेशन के नियमों के अनुसार कोई भी विजेता अपना नोबेल पुरस्कार किसी और को न तो दे सकता है और न ही ट्रांसफर कर सकता है। पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे रद्द करना, साझा करना या किसी अन्य व्यक्ति के नाम करना कानूनी रूप से संभव नहीं है। यानी सम्मान और उपाधि हमेशा मूल विजेता के पास ही रहती है।
पदक और पुरस्कार में फर्क
हालांकि नोबेल सम्मान और धनराशि अहस्तांतरणीय होती है, लेकिन स्वर्ण पदक निजी संपत्ति माना जाता है। इसे उपहार में दिया जा सकता है, बेचा जा सकता है या नीलाम किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 2021 के नोबेल शांति विजेता दिमित्री मुराटोव ने अपना पदक यूक्रेनी शरणार्थियों की मदद के लिए नीलाम किया था, लेकिन विजेता का दर्जा उन्हीं के पास रहा।
इतिहास में ऐसे उदाहरण
इतिहास में कुछ लोगों ने नोबेल पुरस्कार लेने से इनकार किया है, जैसे जीन-पॉल सार्त्र और ले ड्यूक थो, लेकिन किसी ने भी पुरस्कार किसी और को ट्रांसफर नहीं किया। जॉर्ज बर्नार्ड शॉ ने पुरस्कार की राशि दान की थी, लेकिन सम्मान अपने पास रखा। यानी अब तक किसी मामले में नोबेल पुरस्कार को किसी दूसरे व्यक्ति को सफलतापूर्वक सौंपा नहीं गया है।
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