उत्तर प्रदेश में ‘कचौड़ी का शहर’ कौन-सा है, जानें यहां
उत्तर प्रदेश को विविधताओं का राज्य कहा जाता है। भारत का यह राज्य अपनी सांस्कृतिक पहचान और खान-पान के लिए विश्व विख्यात है। इस कड़ी में यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसे कचौड़ी के शहर के रूप में भी जानते हैं। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 2,40,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यहा राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इस कड़ी में यहां खान-पान भी शामिल है, जो कि अपने स्वाद के लिए विश्व विख्यात है।
ऐसे में यहां हाथरस शहर अपने यहां बनने वाली कचौड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां की कचौड़ियां खूब पसंद की जाती है, जिसके पीछे एक मूल कारण है, वह कारण हमने नीचे अपने लेख में बताया है। जानने के लिए पूरा लेख पढे़ं।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश राज्य का पुनर्गठन 24 जनवरी, 1950 को किया गया था। राज्य में कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। ये सभी मंडल कुल चार संभागों में आते हैं, जिनमें पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में कुल 75 नगर पंचायत, 28 विकास प्राधिकरण, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और 17 नगर निगम मौजूद है।
हाथरस को क्यों कहा जाता है कचौड़ी का शहर
अब सवाल है कि हाथरस को ही कचौड़ी का शहर क्यों कहा जाता है? दरअसल, हाथरस पूरी दुनिया में हींग के लिए जाना जाता है। ऐसे में यहां की कचौड़ियों में तेज खुशबू वाली हींग का उपयोग किया जाता है। ऐसे में यहां बनी कचौड़ियां बाकी शहरों की कचौड़ियों से अलग होती हैं। यही वजह है कि हाथरस को कचौड़ियों का शहर भी कहा जाता है। वहीं, वैश्विक स्तर पर इसे हींग के शहर के रूप में भी जाना जाता है।
विशिष्ट विधि का होता है उपयोग
हाथरस में बनने वाली कचौड़ियों में मूंग की दाल या उड़द की दाल की पिट्ठी भरी जाती है। इससे कचौड़ियां काफी खस्ता हो जाती हैं, जिसे स्वाद के शौकिन लोग खूब पसंद करते हैं।
संस्कृति का बन गई है हिस्सा
हाथरस में बिकने वाली कचौड़ियां सिर्फ एक भोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह यहां की संस्कृति का हिस्सा बन गई हैं। इसके पास ब्रज क्षेत्र है, जिससे यहां डेयरी उत्पादों की आपूर्ति बनी रहती है। इस वजह से खान-पान में हाथरस ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
नोटः यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि यूपी में वाराणसी को भी कचौड़ी के लिए जाना जाता है। यहां एक कचौड़ी गली भी है।
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