दिल्ली और आगरा के लाल किले में क्या है अंतर, जानें यहां

Last Updated: Jan 7, 2026, 14:00 IST

इतिहास उठाकर देखें, तो हमें भारत में दिल्ली और आगरा जैसे ऐतिहासिक शहरों के बारे में पढ़ने को मिलता है। यहां कभी मुगलों का राज हुआ करता था। इस दौरान यहां भव्य किलों का निर्माण करवाया गया, जिन्हें लाल किला के नाम से जाना जाता है। हालांकि, क्या आप इन दोनों किलों में अंतर जानते हैं। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

दिल्ली और आगरा किले में अंतर
दिल्ली और आगरा किले में अंतर

दिल्ली और आगरा मुगल काल में कभी बहुत ही महत्त्वपूर्ण राजधानी रहे हैं। ये दोनों वे स्थान हैं, जहां मुगल सल्तनत से जुड़े अहम फैसले लिए जाते थे और पूरे भारत का नियंत्रण यही से होता था। हालांकि, मुगल सम्राट औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल शासन कमजोर हुआ और ये दोनों किले मुगलों के हाथ से निकल गए।

हालांकि, आज भी ये भव्य किले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं और यहां से जुड़ी इतिहास की कहानियां पर्यटकों को रोमांचित करती है। आपने आगरा और दिल्ली के लाल किले के बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप इन दोनों किले में अंतर को पहचानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

आगरा का किला 

आगरा किला मुख्य रूप से मुगल सम्राट अकबर द्वारा 1565 में बनवाया गया था। यहां पहले ईंटों का कच्चा किला हुआ करता था। बाद में यहां शाहजहां द्वारा संगमरमर की इमारतों का निर्माण करवाया गया। किले में दीवान-ए-आम, खास महल, जहांगीर महल और मुस्म्मन बुर्ज है, जहां से ताजमहल को देखा जा सकता है।

अकबरी शैली में बना है किला

आगरा का किला अकबरी शैली में बनवाया गया है। यहां की वास्तुकला में इस्लाम के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात की वास्तुकला देखने को मिलती है। इसके उदाहरण हमें यहां की नक्काशी में देखने को मिलता है।

94 एकड़ में बना है किला

आगरा का किला कुल 94 एकड़ में बना हुआ है और यह अर्ध-वृत्ताकर में है। किले में मुख्य रूप से दो दरवाजे हैं, जो कि अमर सिंह राठौड़ गेट और दूसरा हाथी दरवाजा है। इसमें अमर सिंह गेट पर्यटकों के लिए है, जबकि हाथी गेट कभी मुगल शासकों के लिए हुआ करता था। आज यह वीआईपी गेट है।

मजबूत किले के लिए पहचान

आगरा किला एक अभेद्य किला जाना जाता था। किले के आगे 40 फीट की दीवार है, जबकि इसके पीछे 70 फीट की दीवारें हैं। इस किले के आगे सुरक्षा के लिए एक नहीं, बल्कि दो गहरी खाइयां बनाई गई थी, जिनके बीच सैनिक तैनात रहा करते थे।

दिल्ली का लाल किला 

दिल्ली के लाल किले का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा 1638 में किया गया था। इसका निर्माण 10 सालों में पूरा हुआ। यहां भी दीवान-ए-खास, रंग महल, खास महल, मोती मस्जिद, नहर-ए-बहीश्त और छत्ता चौक शामिल है।

ईरानी और तैमूर शैली में बना है किला

दिल्ली का लाल किला अधिक भव्य बनाया गया था। शाहजहां द्वारा इसका निर्माण ईरानी और तैमूर शैली में किया गया था। 

254 एकड़ में बना है किला

दिल्ली का लाल किला, आगरे के लाल किले से बहुत बड़ा है। यह किला कुल 254 एकड़ में बना हुआ है, जो कि एक अष्टकोणीय आकार में है। किले में मुख्य रूप से दो गेटों से प्रवेश होता है। यहां लाहौरी गेट और दिल्ली गेट है। लाहौरी गेट आम पर्यटकों के लिए है, जबकि दिल्ली गेट वीआईपी के लिए है। दिल्ली का लाल किला देश की आजादी का प्रतीक रहा है। यही 15 अगस्त 1947 की रात राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। आज भी पीएम द्वारा हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां ध्वजारोहण किया जाता है। 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 7, 2026, 14:00 IST

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