भारत के किस राज्य को कहा जाता है ‘वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग’, जानें नाम

Last Updated: Feb 23, 2026, 12:14 IST

भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इनमें से एक पूर्वोत्तर में स्थित एक राज्य ऐसा भी है, जिसे वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग भी कहा जाता है। ऐसे में यह राज्य भारत के महत्त्वपूर्ण राज्यों में से एक है।   

वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग
वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग

भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां हर राज्य की अपनी विशेषता है। देश में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इनमें से एक सिक्किम राज्य है, जिसे ‘वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग’(Botanists' Paradise) भी कहा जाता है।

क्योंकि, वनस्पति के मामले में यह राज्य देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। इस राज्य का क्षेत्रफल बहुत कम है, लेकिन इसके बावजूद यहां पाई जानी वाली वनस्पतियां इसे भारत के अन्य राज्यों से अलग बनाती हैं। राज्य में कौन-कौन-सी वनस्पतियां यहां हैं मौजूद और इसका यह नाम कैसे पड़ा, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

क्यों कहा जाता है ‘वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग’ (Botanists' Paradise)

सिक्किम को 'वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग' (Botanists' Paradise) इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह राज्य जैव-विविधता के मामले में दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है।

भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 1 फीसदी से भी कम होने के बावजूद, यहां विभिन्न प्रकार की वनस्तपियां पाई जाती हैं, जो कि दुनियाभर के वनस्पति शास्त्रियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

सिक्किम में है फूलों की विविधता

सिक्किम में फूलों वाले पौधों की करीब 5,000 प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे में यह पूरे देश की कुल फूलों की प्रजातियों का करीब 27 फीसदी है। इन प्रजातियों में सिर्फ ऑर्किड की ही 500 से अधिक और रोडोडेंड्रोन यानि कि बुरांश की 35 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।

आपको बता दें कि यह प्रजातियां रंग-बिरंगी होती हैं, जो कि दूर से देखने पर पहाड़ों को रंग-बिरंगा दर्शाती हैं। 

दूर-दूर से पहुंचते हैं वनस्पति शास्त्री

सिक्किम में अधिक ऊंचाई और मौसमी परिस्थितियों के कारण उष्णकटिबंधीय और अल्पाइन की जलवायु और वनस्पतियां मिलती हैं। ऐसे में यहां सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों से वनस्पतिशास्त्री अध्ययन के लिए पहुंचते हैं।

कितने प्रकर की जड़ी-बूटियां हैं मौजूद

सिक्किम में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे पाए जाते हैं। इन पौधों की कुल प्रजातियों की बात करें, तो इनकी संख्या करीब 500 है। यहां की जड़ी-बूटियां का इस्तेमाल प्राचीन समय से ही होता आ रहा है, जिन्हें औषधि कोष भी कहा जाता है।

सिक्किम में है फूलों की घाटी

आपको बता दें कि सिक्किम में फूलों की विविधता इतनी है कि यहां एक फूलों की घाटी भी है। इस घाटी का नाम युमथांग घाटी है। जब भी वसंत ऋतु आती है, तो यहां विभिन्न प्रकार के खिले हुए फूल देखने को मिलते हैं। ऐसे में यहां का दृश्य प्राकृतिक रूप से काफी मनोहर होता है। 

Quick Fact: सिक्किम के बारे में एक रोचक तथ्य यह है कि वनस्पति शास्त्री सर जोसेफ डाल्ट हुकर ने यहां 1848-49 में यात्रा की थी। उन्होंने इसे लेकर अपनी एक प्रसिद्ध बुक ‘Himalayan Journals’ भी लिखी, जिसमें उन्होंने यहां का यात्रा वृतांत लिखा है। उन्होंने इस पुस्तक में यहां की वनस्पति का विवरण दिया है, जिसके बाद यह वनस्पतियों के बीच का  मशहूर हो गया।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Feb 23, 2026, 12:14 IST

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