भारत में अंग्रेजों का पहला किला कौन-सा है, जानें यहां
भारत में अंग्रेजों ने करीब 200 सालों तक राज किया। इस दौरान अंग्रेजों ने भारत में कई भव्य इमारतों का निर्माण किया, जिनमें किलों से लेकर चर्च तक शामिल है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत में अंग्रेजों का पहला किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें यहां विभिन्न शासकों का शासन देखने को मिलता है। इस कड़ी में यहां ब्रिटिश ने भी राज किया, जिन्होंने करीब 200 सालों तक अपनी हुकूमत तक रखी। अंग्रेजों ने अपने शासन के दौरान भारत में कई भव्यों इमारतों का निर्माण करवाया, जिसमें किलों से लेकर चर्च तक शामिल हैं।
हालांकि, क्या आप अंग्रेजों के उस पहले किले के बारे में जानते हैं, जिसका निर्माण अंग्रेजों ने करवाया था और यह उनके गढ़ का मुख्य केंद्र रहा था। इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में अंग्रेजों का बना पहला किला कौन-सा है
भारत में अंग्रेजों का पहला किला फोर्ट सेंट जॉर्ज था। यह भारत में अंग्रेजों का सबसे प्रमुख किला कहा जाता है।
क्या है किले का इतिहास
ब्रिटिश जब भारत में शासन कर रहे थे, तो उन्हें कोरोमंडल तट पर एक ऐसे स्थान की जरूरत थी, जहां से सूती कपड़ों का व्यापार किया जा सके। ऐसे में साल 1639 में अंग्रेजों ने स्थानीय राजा दमरा वेंकटाद्री से मद्रासपट्टनम में जमीन को पट्टे पर लिया।
कब से कब तक हुआ निर्माण
अंग्रेजों ने किले का निर्माण 1640 में शुरू किया और 1644 में जाकर किला बनकर तैयार हुआ। किला बनाने में उस समय करीब 3000 पाउंड का खर्च आया था।
किले के अंदर था व्हाइट टाउन
किले के अंदर की संरचना को पूरी तरह सफेद रंग में बनाया गया था। यहां अंग्रेज अधिकारी रहा करते थे, जिसे व्हाइट टाउन कहा जाता था। वहीं, किले के बाहर की जगह को ब्लैक टाउन कहा जाता था। यहां स्थानीय व्यापारी व्यापार के लिए रहा करते थे।
किले के अंदर क्या है खास
यदि आप इस किले में पहुंचेंगे, तो आपको भारत का वह राष्ट्रीय ध्वज देखने को मिलेगा, जिसे 15 अगस्त, 1947 को फहराया गया था। वहीं, किले के अंदर अंग्रेजों के समय सिक्के, हथियार और 1680 में बना एक चर्च भी देखने को मिलेगा।
सत्ता का केंद्र रहा था किला
उस समय यह किला सत्ता का केंद्र रहा था। इस किले से चारों ओर ही आज का चेन्नई शहर का विकास हुआ था। देश आजाद हुआ, तो यह किला तमिलनाडू सरकार का प्रशासनिक मुख्यालय बन गया था। आज यहां मुख्यमंत्री कार्यालय और विधानसभा है।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.