भारत में कब और क्यों हुआ था ‘अंतरिम सरकार’ का गठन, जानें यहां

Last Updated: Jan 23, 2026, 14:37 IST

यह बात हम सभी जानते हैं कि देश की आजादी से पहले भारत में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यह सरकार कब और क्यों गठित की गई थी और इस सरकार में किस नेता के पास क्या जिम्मेदारी थी। इन सभी सवालों के जवाब इस लेख में मिलेंगे। 

भारत की अंतरिम सरकार
भारत की अंतरिम सरकार

भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें आजादी से पहले अंतरिम सरकार देखने को मिलती है। इस सरकार का गठन ब्रिटिश सरकार से सत्ता का हस्तांतरण करने के लिए किया गया था। यह सरकार अपने आप में महत्त्वपूर्ण रही थी। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आखिर भारत की इस अंतरिम सरकार का गठन कब किया गया था और किस नेता के पास क्या जिम्मेदारी थी। इन सभी सवालों के जवाब के जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

कब हुआ था अंतरिम सरकार का गठन

भारत में आजदी से करीब एक साल पहले 2 सितंबर, 1946 को अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। इस सरकार का गठन ब्रिटिश हाथों से सत्ता को भारत के हाथों में लाने की प्रक्रिया के दौरान किया गया था।

क्या थी सरकार की पृष्ठभूमि

अंतरिम सरकार के गठन की पृष्ठभूमि 1946 के कैबिनेट मिशन के तहत बन गई थी। इसके अध्यक्ष के रूप में वायसराय वेवेल और बाद में माउंटबेटन को जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, कार्यकारी उपाध्यक्ष के पद के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदारी मिली थी।

किस नेता को मिली थी क्या जिम्मेदारी

अंतरिम सरकार में शुरुआत में सिर्फ कांग्रेस सदस्य थे, हालांकि बाद में इसमें मुस्लिम लीग भी शामिल हो गई थी। ऐसे में पंडित जवाहर लाल नेहरू को विदेश मामले थे, जबकि गृह और सूचना एवं प्रसार की जिम्मेदारी सरदार वल्लभभाई पटेल को मिली थी।

विभाग

मंत्री

उपाध्यक्ष, विदेश मामले

जवाहरलाल नेहरू

गृह, सूचना एवं प्रसारण

सरदार वल्लभभाई पटेल

रक्षा

बलदेव सिंह

वित्त

लियाकत अली खान (मुस्लिम लीग)

शिक्षा और कला

सी. राजगोपालाचारी

खाद्य और कृषि

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

श्रम

जगजीवन राम

कानून (विधि)

जोगेंद्र नाथ मंडल

क्या था अंतरिम सरकार का कार्य

इस सरकार का गठन 15 अगस्त, 1947 तक देश का प्रशासन चलाने के लिए किया गया था। वहीं, यह वह समय था, जब संविधान सभा ने संविधान को तैयार करने का काम शुरू कर दिया था। आपको बता दें कि अंतरिम सरकार भारत शासन अधिनियम,1919 के तहत कार्य कर रही थी। क्योंकि, उस समय भारत के पास अपना संविधान नहीं था। इस समय वायसराय के पास वीटो शक्ति थी, लेकिन वह नेहरू की परिषद् की सलाह पर काम कर रहा था। आपको बता दें कि अंतिरम सरकार के दौरान ही भारत ने विदेशों में अपने राजनयिक संबंध बनाना शुरू कर दिए थे। 

आजादी के बाद बनी सरकार

देश आजाद होने के बाद सरकार फिर से बनी, लेकिन इसमें विभाग बदल गए थे। अब कानून मंत्री के रूप में मंडल की जगह डॉ. भीमराव अंबेडकर ने ले ली थी, जबकि वित्त मंत्री रहे लियाकत अली पाकिस्तान चले गए थे, तो उनकी जगह आर. के. शनमुखम चेट्टी को वित्त मंत्री बनाया गया था। 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 23, 2026, 14:37 IST

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