लोकसभा का सबसे लंबा सत्र कौन-सा होता है और कब तक चलता है, जानें यहां

Last Updated: Mar 11, 2026, 13:51 IST

भारतीय संसद की बात करें, तो इसमें लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति शामिल होता है। संसद में तीन सत्र होते हैं, जिसमें बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र शामिल है। 

लोकसभा का सबसे लंबा सत्र
लोकसभा का सबसे लंबा सत्र

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 में भारतीय संसद का उल्लेख किया गया है। संसद का गठन लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति से मिलकर होता है। देश के विभिन्न मुद्दों के लेकर संसद के अलग-अलग सत्रों में चर्चा होती है और महत्त्वपूर्ण बिल पास किए जाते हैं। संसद के तीन सत्र होते हैं, जिनमें बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र शामिल है। इनमें सबसे लंबा सत्र बजट सत्र होता है। इस लेख में हम इससे जुड़े अन्य महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर गौर करेंगे।

कितना लंबा होता है बजट सत्र

बजट सत्र साल का पहला और सबसे लंबा सत्र होता है। यह सामान्य तौर पर फरवरी के पहले सप्ताह तक शुरू हो जाता है और मई तक चलता है। यह सत्र बहुत महत्त्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस सत्र में ही बजट पेश किया जाता है। बजट पर चर्चाओं के साथ-साथ इस सत्र में देश के महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होती है।

कब से कब तक होता है मानसून सत्र

संसद में मानसून सत्र की शुरुआत जुलाई में होती है। यह जुलाई से शुरू होकर अगस्त या सितंबर तक चलता है।

कब से कब तक चलता है शीतकालीन सत्र

शीतकालीन सत्र की बात करें, तो यह साल का आखिरी सत्र होता है, जो कि सबसे छोटा सत्र भी कहलाता है। यह सत्र नवंबर में शुरू होता है और दिसंबर तक चलता है।

सत्र को लेकर क्या है नियम 

संविधान के अनुच्छेद 85 पर गौर करें, तो संसद के दोनों सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का समय नहीं होना चाहिए। ऐसे में सरकार द्वारा साल में कम से कम दो बार सत्र को बुलाना अनिवार्य होता है। 

क्या होती है सत्र की अवधि

आपको बता दें कि सत्र की अवधि संविधान में नहीं लिखी है। सत्र कब तक होगा और कितने दिन तक चलेगा, यह संसद की कार्यवाही और राष्ट्रपति के बुलावे पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर बजट सत्र 3 से 4 महीने का होता है। वहीं, शीतकालीन सत्र महीने भर में समाप्त हो जाता है। सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होती है और शाम 6 बजे तक चलती है।

संसद से जुड़े महत्त्वपूर्ण शब्द

-आहूत करना-इसका मतलब राष्ट्रपति द्वारा सत्र बुलाना होता है।

-सत्रावसान-राष्ट्रपति द्वारा सत्र को समाप्त करना।

-अनिश्चित काल के लिए स्थगन-स्पीकर द्वारा सदन को अगली तारीख बिना बताए रोक देना। यह अनिश्चित काल तक होता है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Mar 11, 2026, 13:51 IST

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