भारत की किस ऐतिहासिक इमारत को कहा जाता है ‘गरीबों का ताजमहल’, जानें नाम और स्थान
ताजमहल को दुनिया के 7 अजूबों में गिना जाता है। यह अपनी भव्यता और मुगल वास्तुकला का शानदार नमूना है, जिसे सफेद संगमरमर के पत्थरों से बनाया गया है। इस अजूबे को देखने के लिए दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में इसके अतिरिक्त एक ऐसी ऐतिहासिक इमारत भी है, जिसे गरीबों का ताजमहल भी कहा जाता है। कौन-सी है यह इमारत, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
दुनियाभर में जब भी बात 7 अजूबों की होती है, तो इसमें ताजमहल का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। यह अजूबा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। ताजमहल अपनी भव्यता और मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। सफेद संगमरमर से बना यह ताजमहल पहली नजर में ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
इस ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा किया गया था, जिसे वास्तुकला का बहुत शौक था। हालांकि, इसके बाद भी मुगल वंश में एक ऐसी इमारत बनी थी, जिसकी कॉपी ताजमहल से की गई थी। खास बात यह है कि इस कॉपी को गरीबों का ताजमहल या दक्कन का ताज भी कहा जाता है। कौन-सी है यह ऐतिहासिक इमारत, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस ऐतिहासिक इमारत को ‘गरीबों का ताजमहल’ कहा जाता है
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस ऐतिहासिक इमारत को ‘गरीबों का ताजमहल’ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि बीबी का मकबरा को ‘गरीबों का ताजमहल’ या ‘मिनी ताजमहल’ भी कहा जाता है।
किस राज्य में है स्थित
बीबी का मकबरा महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इसकी बनावट हूबहू ताजमहल जैसी है, जिससे इसका नाम ताजमहल से जोड़ा गया है।
किसने करवाया था निर्माण
बीबी का मकबरा का निर्माण मुगल सम्राट औरंगजेब के बेटे आजम शाह ने अपनी मां दिलरस-बानों बेगम की याद में करवाया था।
किसने तैयार किया था डिजाइन
बीबी का मकबरा का डिजाइन अताउल्लाह ने तैयार किया था। यह उस्ताद अहमद लाहौरी के बेटे थे, जिन्हें ताजमहल का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है। अताउल्लाह ताज महल की टक्कर जैसा मिनी ताजमहल बनाना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से इसे असली ताजमहल की तरह नहीं बना सके।
क्यों कहा जाता है ‘गरीबों का ताजमहल’
बीबी का मकबरा को ‘गरीबों का ताजमहल’ कहने के पीछे आर्थिक कारण शामिल है। इंटरनेट पर मौजूद विभिन्न लेखों के मुताबिक, औरंगजेब चाहते थे कि जितना पैसा उनके पिता शाहजहां ने ताज महल बनवाने में खर्च कर दिया, उतना पैसा उनका बेटा नया मकबरा बनवाने में खर्च न करे। ऐसे में उन्होंने इसके लिए एक सीमित बजट ही तय किया था। उस समय यह 6.6 लाख रुपये में बनकर तैयार हुआ था।
ताजमहल की तरह दिखता है स्मारक
यह स्मारक ताजमहल की तरह दिखता है। इसके चारों तरफ चारबाग शैली में बागों का निर्माण किया गया है। वहीं, मुख्य गुंबद संगमरमर का है, जबकि बाकी हिस्सा लाल बलुआ पत्थरों से बना है और इसके ऊपर सफेद प्लास्टर किया गया है।
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