भारतीय संविधान में इस नाम से जाना जाता है ‘बजट’, यहां पढ़ें
भारत में बजट का विशेष महत्त्व है। यह पूरे वर्ष का वित्तीय लेखा-जोखा रखता है। इसमें सरकार बताती है कि सरकार के पास पैसा कहां से आएगा और अगले एक साल में सरकार इस पैसे को कहां-कहां खर्च करेगी। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारतीय संविधान में हमें बजट शब्द का प्रावधान ही नहीं मिलता है, बल्कि इसे एक अलग नाम से जाना जाता है।
भारत में हर साल फरवरी में केंद्रीय बजट पेश किया जाता है। इस बजट में सरकार पूरे वर्ष का लेखा-जोखा का ब्यौरा देती है। सरकार इसमें बताती है कि आगामी एक वर्ष में सरकार के पास राजस्व व पूंजीगत प्राप्तियां समेत कहां-कहां से पैसा आएगा और सरकार इसे कहां-कहां खर्च करेगी। ये सभी जानकारी भारत के वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में दी जाती है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हमारे संविधान में बजट का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि इसे एक अलग नाम से जाना जाता है। इस लेख में हम बजट के मूल नाम और इससे जुड़े अनुच्छेद के बारे में जानेंगे।
किस अनुच्छेद में मिलता है बजट से जुड़ा उल्लेख
भारतीय संविधान में अनुच्छेद 112 में हमें बजट से जुड़े प्रावधान पढ़ने को मिलेंगे। इसमें संवैधानिक प्रावधान दिया गया है कि हर साल राष्ट्रपति वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक संसद के दोनों सदनों में रखवाते हैं। इसमें सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और खर्चों का ब्यौरा होता है।
किस नाम से जाना जाता है बजट
भारतीय संविधान में हमें बजट शब्द का उल्लेख नहीं मिलता है, बल्कि इसके स्थान पर वार्षिक वित्तीय विवरण(Annual Financial Statement) के नाम से जाना जाता है।
बजट कितने प्रकार का होता है
बजट मुख्य तौर पर तीन प्रकार का होता हैः
संतुलित बजटः इस बजट में व्यय और खर्च बराबर होता है। इस वजह से इसे संतुलित बजट कहा जाता है। हालांकि, ऐसा बहुत कम होता है।
सरप्लस बजटः इस बजट में सरकार के पास आय अधिक होती है, लेकन खर्च कम होता है। ऐसे में सरकार के पास अधिक धन होता है। हालांकि, ऐसा नहीं होता है।
घाटे का बजट- जब सरकार के पास आय कम हो, लेकिन खर्च अधिक होते हैं। भारत में अमूमन ऐसा बजट पेश होता है। भारत एक विकासशील देश है, ऐसे में यहां इस तरह का बजट पेश होता है, जिससे विकास के कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न हो।
बजट से जुड़े महत्त्वपूर्ण शब्द कौन-से हैं
धन विधेयक- संसद में बजट को एक धन विधेयक के रूप में पेश किया जाता है। इसका विवरण अनुच्छेद 110 में पढ़ने को मिलता है।
विनियोग विधेयकः इसका जिक्र हमें अनुच्छेद 114 में पढ़ने को मिलता है। इसके तहत सरकार को संचित निधि से पैसा निकालने की अनुमति देने के लिए इसे पारित करना होता है।
फिर कहां से आया बजट शब्द
बजट शब्द कोई अंग्रेजी का शब्द नहीं था, बल्कि इस शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच शब्द ‘Bougette’ यानि कि ‘बुजेत’ से हुई है। इसका अर्थ चमड़े का थैला होता है। पुराने समय में संसद भवन में वित्त मंत्री द्वारा एक चमड़े के थैले में सरकार का लेखा-जोखा लाया जाता था। इस वजह से इसे बजट कहा गया। हालांकि, अब इसकी जगह डिजिटल टैब ने ली ली है।
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