किस नदी को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कहा जाता है, यह है नाम
भारत में नदियों का विशेष दर्जा है। ये सिर्फ पीने के पानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक महत्त्व भी है। आपने भारत में अलग-अलग नदियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि किस नदी को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा भी कहा जाता है।
भारत में नदियां सिर्फ पीने के पानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका धार्मिक और आर्थिक महत्त्व भी है। यहां नदियों को मां का दर्जा दिया गया है और हर सुबह-शाम इन घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ता है। कुछ नदियों का इतना महत्त्व है कि वह संबंधित राज्य के लिए जीवनरेखा का काम करती हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि किस नदी को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा भी कहा जाता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
किस नदी को कहा जाता है मध्य प्रदेश की जीवनरेखा
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में बहने वाली नर्मदा नदी को यहां की जीवनरेखा के रूप में माना जाता है। इसके पीछे भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण हैं।
नर्मदा नदी है पेयजल और सिंचाई का बड़ा स्रोत
यह बात हम सभी जानते हैं कि मध्य प्रदेश में कृषि प्रमुख है। ऐसे में यहां नर्मदा नदी सिंचाई के लिए सबसे अहम नदी मानी जाती है। क्योंकि, इस नदी का करीब 88 फीसदी हिस्सा मध्य प्रदेश में ही बहता है। प्रदेश में सरदार सरोवर बांध, इंदिरा सागर बांध और बरगी जैसे बांधों से नहरें निकालकर खेती की जाती है।
जल विद्युत उत्पादन में उपयोगी
मध्य प्रदेश के घरों में जो बिजली की रोशनी है, उसका अधिकांश हिस्सा नर्मदा नदी जल विद्युत परियोजना से है। इस नदी पर इंदिरा सागर परियोजना और ओंकारेश्वर परियोजना है, जहां बिजली उत्पादन किया जाता है।
नदी का है धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व
नदी के उद्गम की बात करें, तो यह अमरकंटक की पहाड़ियों से होता है, जो कि एक पवित्र स्थल माना जाता है। वहीं, नर्मदा नदी एकमात्र ऐसी नदी है, जिसकी पैदल परिक्रमा की जा सकती है। यह परिक्रमा करीब 3300 किलोमीटर है।
कितनी लंबी है नर्मदा नदी
नर्मदा नदी की कुल लंबाई 1312 किलोमीटर है। यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर महाराष्ट्र और गुजरात में अपना सफर पूरा करती है। नदी सबसे अधिक सफर 1077 किलोमीटर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में 74 किलोमीटर और गुजरात में 161 किलोमीटर का सफर पूरा करती है। अंत में यह गुजरात में खंबात की खाड़ी के पास समुद्र में गिर जाती है।
पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है नदी
भारत में अधिकांश नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं, लेकिन इसके विपरित यह नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। यह नदी भ्रंश घाटी से होकर बहती है, जिससे इस नदी की अपनी पहचान है। नदी को लेकर एक खास बात यह भी है कि यह नदी डेल्टा नहीं बनाती है, बल्कि एस्टुअरी का निर्माण करती है, क्योंकि यह अपने साथ गाद लेकर नहीं आती है।
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