World’s Oldest River: दुनिया की सबसे पुरानी नदी कौन-सी है, जानें नाम
आपने दुनिया में अलग-अलग नदियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप दुनिया की सबसे पुरानी नदी के बारे में जानते है, जो कि ऑस्ट्रेलिया में बहती है। कौन-सी है यह नदी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
देश-दुनिया में बहुत-सी नदियों का प्रवाह हो रहा है। नदियां न सिर्फ पीने के पानी के स्रोत तक सीमित हैं, बल्कि इनका आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक महत्त्व भी है। भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया जाता है। यही वजह है कि हमें भारतीय घाटों पर नदियों की आरती देखने को मिल जाएगी। आपने देश-दुनिया की बहुत-सी नदियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे पुरानी नदी कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
कौन-सी है सबसे पुरानी नदी
दुनिया की सबसे पुरानी नदी के बारे में बात करें, तो यह ऑस्ट्रेलिया में बहने वाली फिंके नदी है। वैज्ञानिकों द्वारा इस नदी को सबसे पुरानी नदी प्रणाली माना जाता है। इस नदी को लेकर कहा जाता है कि यह नदी धरती पर डायनासोर से भी पहले की है।
कितनी पुरानी है नदी
भू-वैज्ञानिकों ने नदी के इतिहास को लेकर शोध किए हैं। इन शोधों के मुताबिक, नदी का इतिहास करीब 40 करोड़ साल पुराना बताया जाता है। दूसरी तरफ, हिमालय के पर्वत 5 से 7 करोड़ साल पहले बने हैं। ऐसे में जिस समय ये पर्वत बन रहे थे, उस समय यह नदी अपना रास्ता बना चुकी थी।
क्या है नदी का रास्ता
फिंके नदी मध्य ऑस्ट्रेलिया के ऊसर और रेगिस्तानी इलाके में बहती है। इस नदी का उद्गम मैकडॉनेल पर्वतमाला से होता है और इसका अंत सिम्पसन रेगिस्तान में होता है।
मौसमी नदी के रूप में है पहचान
फिंके नदी को मौसमी नदी भी कहा जाता है। यह पूरे वर्ष सूखी रहती है, लेकिन बारिश के दौरान इस नदी में अधिक पानी होता है। जब यह नदी सूख जाती है, तो इसका पूरा प्रवाह मार्ग सूख जाता है, जिससे बड़े-बड़े पानी के गड्ढे बन जाते हैं। यह पानी रेगिस्तानी वन्यजीवों के पीने का काम आता है।
वैज्ञानिक भाषा में एंटीसिडेंट रिवर है फिंके नदी
विज्ञान की भाषा में फिंके नदी को एंटीसिडेंट रिवर भी कहा जाता है। इसके अर्थ की बात करें, तो यह नदी तब बनी, जब पहाड़ों के बनने का क्रम चल रहा था। ऐसे में यह नदी अपनी शक्तिशाली धाराओं से पहाड़ों को काटते हुए आगे बढ़ी थी। आज भी इस नदी का प्रवाह पहाड़ों के बीच गहरी घाटियों के बीच से देखा जा सकता है। वहीं, इस नदी के किनारे पाम वैली भी स्थित है। यहां लाल गोभी पाम के पेड़ पाए जाते हैं, जो कि आपको दुनिया में किसी और स्थान पर देखने को नहीं मिलेंगे। इसके पीछे इस नदी का पानी ही जिम्मेदार माना जाता है।
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