चुनाव के बाद गवर्नर कब और कितनी बार किसी पार्टी को सरकार बनाने से मना कर सकता है? जानें संवैधानिक नियम

Last Updated: May 7, 2026, 19:22 IST

Tamil Nadu Assembly Election Result 2026: चुनाव के बाद यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो राज्यपाल स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए बहुमत साबित करने को कह सकता है। यदि कोई पार्टी पर्याप्त समर्थन नहीं दिखा पाती या गठबंधन अस्थिर लगता है, तो राज्यपाल सरकार गठन से मना कर सकते हैं, जैसा कि तमिलनाडु राज्य में देखा जा रहा है। इसकी कोई तय सीमा नहीं है, लेकिन निर्णय संविधान के नियमों के अनुसार लिया जाता है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

2026 तमिलनाडु चुनाव: सरकार गठन की क्या है स्थिति
2026 तमिलनाडु चुनाव: सरकार गठन की क्या है स्थिति

तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) से विधानसभा में बहुमत साबित करने की मांग भारतीय संवैधानिक व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों पर आधारित है। राज्यपाल की पहली जिम्मेदारी राज्य में एक स्थिर सरकार सुनिश्चित करना होती है, ताकि संवैधानिक संकट और राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति से बचा जा सके। चलिए जानते हैं क्या कहता है संवैधानिक नियम। 

बहुमत साबित करना क्यों जरूरी?

यदि किसी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो राज्यपाल यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकार बनाने का दावा करने वाला पक्ष वास्तव में विधानसभा का समर्थन रखता हो। इसके लिए विधायकों के समर्थन पत्र, परेड या फ्लोर टेस्ट का सहारा लिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि बहुमत साबित होने के बाद राज्यपाल सरकार गठन से इनकार नहीं कर सकते।

किन परिस्थितियों में राज्यपाल सरकार गठन से मना कर सकते हैं?

राज्यपाल मुख्य रूप से “हंग असेंबली” की स्थिति में सरकार गठन से इनकार कर सकते हैं, जब कोई दल या गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंचता। यदि दावा करने वाला दल पर्याप्त समर्थन साबित न कर पाए या गठबंधन अस्थिर दिखाई दे, तो राज्यपाल वैकल्पिक विकल्प तलाश सकते हैं। 

दल-बदल और अस्थिरता पर राज्यपाल की नजर

यदि राज्यपाल को लगता है कि बहुमत जुटाने की प्रक्रिया में दल-बदल, खरीद-फरोख्त या अन्य अनुचित गतिविधियां हो सकती हैं, तो वे ऐसे गठबंधन को स्वीकार करने से बच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि राज्यपाल अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकते, क्योंकि इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

सरकार गठन में प्राथमिकता का क्रम

आमतौर पर सरकार बनाने के लिए राज्यपाल निम्न क्रम को प्राथमिकता देते हैं: 

  1. स्पष्ट बहुमत वाला दल या पूर्व-चुनावी गठबंधन

  2. बहुमत वाला चुनाव के बाद वाला गठबंधन

  3. सबसे बड़ा एकल दल 

  4. अन्य दलों के समर्थन से गठित गठबंधन 

हालांकि, यह स्थिति के अनुसार बदल सकता है और कई बार राजनीतिक व कानूनी विवाद का विषय भी बनता है।

2026 तमिलनाडु चुनाव: सरकार गठन की क्या है स्थिति 

  • कुल सीटें: 234

  • बहुमत का आंकड़ा: 118

  • TVK की स्थिति: 108 सीटें (बहुमत से करीब 10 सीटें कम)

  • DMK: 59 सीटें

  • AIADMK: 47 सीटें 

  • INC: 5 सीटें 

TVK के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनने की संभावना सबसे अधिक: 

बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों तक पहुंचने के लिए तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) छोटे दलों और कांग्रेस के समर्थन की कोशिश कर रही है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने संकेत दिए हैं कि वह AIADMK और अन्य दलों को सत्ता से दूर रखने के लिए TVK का समर्थन कर सकती है।

TVK बहुमत का आंकड़ा पूरा करने के लिए वामपंथी दलों और वीसीके समेत अन्य छोटे दलों के साथ भी बातचीत कर रही है, ताकि करीब 10 सीटों की कमी पूरी की जा सके।

क्या राज्यपाल किसी दल को सरकार गठन करने से रोक सकता है?

यदि किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं हो या वह पर्याप्त समर्थन साबित न कर पाए, तो राज्यपाल सरकार गठन से मना कर सकता है। हंग असेंबली की स्थिति में राज्यपाल स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए अपने विवेकाधिकार का उपयोग करते हैं। हालांकि, बहुमत साबित होने पर राज्यपाल मनमाने ढंग से इनकार नहीं कर सकते।

अंतिम विकल्प: राष्ट्रपति शासन

यदि कई प्रयासों के बाद भी कोई दल स्थिर सरकार बनाने में सफल नहीं होता, तो राज्यपाल विधानसभा को निलंबित या भंग करने की सिफारिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्यपाल को अपने अधिकारों का इस्तेमाल निष्पक्ष और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर करना चाहिए।

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Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: May 7, 2026, 19:12 IST

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