असम सरकार द्वारा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का अंतिम मसौदा जारी: जानिए क्या है मामला?

Jul 30, 2018, 13:55 IST

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) असम के नागरिकों की नागरिकता सूची है. इसमें उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं, जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं.

Assam govt releases final draft list of National Register of Citizens
Assam govt releases final draft list of National Register of Citizens

असम सरकार द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन्स - एनआरसी) के दूसरे एवं अंतिम मसौदा को जारी कर दिया गया है. इसे इसलिए जारी किया गया है ताकि असम में अवैध तौर पर रह रहे लोगों का पता लगाया जा सके.

केंद्र सरकार ने भी असम और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की 220 कंपनियां भेजी हैं. सीमाओं पर केंद्रीय बलों के अलावा इंडियन रिज़र्व बटालियन (आईआरबी) की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं.

 

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) क्या है?

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) असम के नागरिकों की नागरिकता सूची है. इसमें उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं,  जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में यह आश्वासन भी दिया गया है कि जो लोग वैध नागरिक नहीं पाए गए हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा.

 
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में दर्ज मुख्य तथ्य

•    कुल 3.29 करोड़ आवेदन में 2.89 करोड़ लोगों के नाम राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में शामिल किए जाने के योग्य पाए गए जबकि 40 लाख लोगों का नाम ड्राफ्ट में नहीं हैं.

•    वैध नागरिकता के लिए 3,29,91,384 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें 40,07,707 लोगों को अवैध माना गया.

•    रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेश द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दो करोड़ 89 लाख 83 हजार छह सौ सात लोगों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में योग्य पाकर उन्हें शामिल किया गया है.

•    सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया कि जिन लोगों के नाम इस ड्राफ्ट में शामिल नहीं हैं उनके अधिकार कम नहीं होंगे.

•    आवेदकों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है जिस पर फोन करके भी पता लगाया जा सकता है, कि उन्हें भारतीय नागरिकता मिली है या नहीं.

•    यह ड्राफ्ट 30 जुलाई को प्रकाशित किया गया है.

 

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की आवश्यकता क्यों?

असम में लंबे समय से अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों का मुद्दा छाया रहा है. 80 के दशक में इसे लेकर छात्रों ने आंदोलन किया था, जिसके बाद असम गण परिषद और तत्कालीन राजीव गांधी सरकार के बीच समझौता हुआ. इसमें कहा गया है कि वर्ष 1971 तक जो भी बांग्लादेशी असम में घुसे उन्हें नागरिकता दी जाएगी और बाकी को निर्वासित किया जाएगा. वर्ष 1951 में एनआरसी तैयार किया गया था तब से इसे सात बार जारी करने की कोशिशें हुईं. आख़िरकार, वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह सूची जारी हुई है.


सूची में नाम दर्ज कैसे किया जायेगा?

राज्य सरकार ने कहा कि मसौदा में जिनके नाम उपलब्ध नहीं होंगे उनके द्वारा नाम दर्ज कराये जा सकते हैं. यह लोग महिला/पुरूष संबंधित सेवा केन्द्रों में निर्दिष्ट फॉर्म को भर कर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह फॉर्म 07 अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे. इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिए अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा.


यह भी पढ़ें: संसद ने भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन विधेयक, 2018 पारित किया

 

Gorky Bakshi is a content writer with 9 years of experience in education in digital and print media. He is a post-graduate in Mass Communication
... Read More

यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, डिफेन्स और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम दैनिक, साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स और अपडेटेड जीके हिंदी में यहां देख और पढ़ सकते है! जागरण जोश करेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें!

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS

Trending

Latest Education News