मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक का हाल ही में निधन हो गया. वे 91 साल के थे. मिस्र के सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने होस्नी मुबारक के निधन की पुष्टि की है. कुछ समय पहले उनकी सर्जरी हुई थी. वे काफी लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे थे.
होस्नी मुबारक तीन दशक तक मिस्र के राष्ट्रपति रहे थे. मिस्र में प्रदर्शनकारियों की हत्या में उन्हें भी दोषी ठहराया गया था. हालांकि बाद में अदालत के फैसले को बदल दिया गया था और मार्च 2017 में बाहर आ गए थे.
राष्ट्रपति पद से इस्तीफा
सेना की ओर से साल 2011 में सत्ता से बेदखल किए जाने से पहले होस्नी मुबारक तीन दशकों तक देश के शीर्ष पद पर काबिज रहे. उनको देश में अठारह दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद 11 फरवरी 2011 को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. उन्हें पद से हटने के बाद अप्रैल 2011 में गिरफ्तार कर लिया गया था.
होस्नी मुबारक के बारे में
• होस्नी मुबारक का जन्म 04 मई 1928 को नील डेल्टा में एक गांव में हुआ था.
• होस्नी मुबारक 1981 में अनवर सदत की हत्या के बाद सत्ता में आए थे. होस्नी मुबारक को उप-राष्ट्रपति से राष्ट्रपति बनाया गया था.
• होस्नी मुबारक को आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हत्या का दोषी पाया गया था. बाद में उनकी सजा को माफ कर दिया गया था. उन्हें मार्च 2017 में जेल से रिहा कर दिया गया था.
• वे अपनी सत्ता के दौरान अमेरिका के सहयोगी बने रहे. वे इजराइल और मिस्र की दोस्ती के पक्षधर रहे. उनके सत्ता के दौरान मिस्र में भ्रष्टाचार, पुलिस की क्रूरता, राजनीतिक दमन तथा आर्थिक समस्याएं हमेशा से बनी रहीं.
• वे भले ही अब राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं थे लेकिन मिस्र की राजनीति में उनका जाना बड़ी क्षति के तौर पर देखा जाएगा.
• वे मुहम्मद अली पाशा के बाद सबसे लंबे समय से मिस्र के शासक रहे हैं. उन्होंने अरब जगत के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश का नेतृत्व किया था.
• उनके तीस साल के शासन काल में आपातकाल सी स्थितियां रहीं क्योंकि कहीं भी पांच से ज्यादा व्यक्तियों के इकठ्ठा होने पर पाबंदी थी.
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