सरकार ने जीन मॉडिफाइड सरसों को दी एनवायरमेंट क्लीयरेंस, जानें इसके बारें में

भारत सरकार ने स्वदेशी रूप से विकसित जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) सरसों के बीज के लिए एनवायरमेंट क्लीयरेंस दे दी है। ज़्यादा डिटेल्स के लिए नीचे पढ़ें।

Government gave environmental clearance to gene modified mustard
Government gave environmental clearance to gene modified mustard

भारत सरकार ने स्वदेशी रूप से विकसित आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) सरसों के बीज के लिए गुरुवार 27, अक्टूबर 2022 को एनवायरमेंट क्लीयरेंस दे दी है।

नवीनतम निर्णय ने इसकी पहली आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य फसल के वाणिज्यिक उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। गौरतलब है कि भारत विश्व में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक है, जिस पर देश सालाना दसियों अरब डॉलर खर्च करता है। देश अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, ब्राजील, रूस, मलेशिया और यूक्रेन से अपनी मांग का 70% से अधिक पूरा करता है।

एक आनुवंशिकीविद् और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दीपक पेंटल ने इसे एक ऐतिहासिक विकास बताया है। पेंटल ने अपनी टीम के साथ मिलकर बीजों का विकास किया है। यह एक ऐसा ऐतिहासिक प्रयास था जो कि एक दशक से भी ज्यादा का समय लगा।

जानें भारत में जीन संशोधित सरसों के बारें में?

भारत सरकार द्वारा एक नोटिस जारी कर उसमें ट्रांसजेनिक सरसों की फसल के लिए उच्चतम स्तर की मंजूरी की पुष्टि की है, जिसे रेपसीड के रूप में भी जाना जाता है।

भारत जीनोम-संपादित पौधों के विकास के लिए नियमों को सुव्यवस्थित करता रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रौद्योगिकी को आशाजनक भी कहा, क्योंकि यह बड़ी आर्थिक क्षमता प्रदान करती है।

जीन मॉडिफाइड मस्टर्ड (जीन संशोधित सरसों) को मिली मंजूरी

भारत सरकार द्वारा लिया गया नवीनतम निर्णय भारत के बढ़ते खाद्य तेल आयात के मुद्दे को हल करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी की क्षमता को मान्यता देता है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बार-बार किसानों से घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने का आग्रह किया है ताकि आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सके। पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी जीएम कॉटन सीड्स को अपनाने के प्रयासों को बढ़ावा देते रहे है और गुजरात इसमें सबसे बहुत आगे है.

जीन संशोधित सरसों का महत्वपूर्ण:

भारत के कई वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने भी जीन संशोधित फसलों की तेजी से निकासी का आह्वान किया है क्योंकि तेजी से शहरीकरण और अनिश्चित मौसम के कारण बदलते भारत का कृषि क्षेत्र सिकुड़ रहा है। इससे चावल और गेहूं जैसे मुख्य खाद्यान्नों के उत्पादन को भी खतरा बढ़ा है।

हालाँकि, कुछ रूढ़िवादी राजनेता और वकालत करने वाले समूह इस विश्वास के साथ प्रयोगशाला-परिवर्तित फसलों का विरोध कर रहे हैं क्योंकि कि जीन-संशोधित फसलें खाद्य सुरक्षा और जैव विविधता से समझौता कर सकती हैं और यह फ़सल भविष्य में स्वास्थ्य के लिए खतरा भी पैदा कर सकती हैं।

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Read the latest Current Affairs updates and download the Monthly Current Affairs PDF for UPSC, SSC, Banking and all Govt & State level Competitive exams here.
Jagran Play
खेलें हर किस्म के रोमांच से भरपूर गेम्स सिर्फ़ जागरण प्ले पर
Jagran PlayJagran PlayJagran PlayJagran Play