केंद्र सरकार ने 27 जनवरी 2020 को एयर इंडिया (Air India) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को लेकर आरंभिक सूचना जारी की है. केंद्र सरकार ने इस विनिवेश में बोली प्रक्रिया का इस्तेमाल करेगी. एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की अंतिम तिथि 17 मार्च 2020 है.
एअर इंडिया को बेचने की यह सरकार की दूसरी कोशिश है. पिछली बार सरकार का एयर इंडिया को बेचने का प्रयास सफल नहीं हुआ था. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाले एक मंत्री समूह ने 07 जनवरी 2020 को एयर इंडिया के निजीकरण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.
इससे संबंधित मुख्य तथ्य
• केंद्र सरकार ने 27 जनवरी 2020 को नेशनल कैरियर एयर इंडिया में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए प्रारंभिक सूचना ज्ञापन जारी किया है. सरकार को करोड़ों के कर्ज में डूबी एयरलाइन में लंबे समय से नुकसान हो रहा है. इसकी आखिरी तारीख 17 मार्च 2020 है.
• वर्तमान में एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी लोहानी हैं. उन्हें फरवरी 2019 में इस उद्देश्य से एयर इंडिया में वापस लाया गया था कि वे डूब रहे कैरियर का बेड़ा पार लगाएंगे, लेकिन वे असफल रहे.
• रिपोर्ट के अनुसार, एअर इंडिया की हालत खराब होने के बावजूद उसे खरीदने में कंपनियां इसलिए रुचि दिखा रही हैं, क्योंकि उसके पास व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, ट्रैफिक राइट और लंदन, दुबई जैसे अहम एयरपोर्ट पर स्लॉट हैं.
• सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को खरीदने हेतु देश के दिग्गज औद्योगिक घराने हिन्दुजा ग्रुप और अमेरिकी फंड इंटरअप्स ने अपनी इच्छा जताई है.
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एअर इंडिया पर कर्ज
एअर इंडिया पर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज है. इसमें विमानों की खरीद और कार्यशील पूंजी हेतु लिए गए दीर्घकालिक कर्ज भी शामिल हैं. एयर इंडिया को वर्तमान में लगभग 20-25 करोड़ रुपये का दैनिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
एअर इंडिया लंबे समय से घाटे में चल रही है. वित्त वर्ष 2018-19 में 8,556.35 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. एयरलाइन पर 50,000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का कर्ज है. इसलिए केंद्र सरकार एयर इंडिया को बेचना चाहती है.
एअर इंडिया बेचने की सरकार की दूसरी कोशिश
एअर इंडिया को दो साल से भी कम समय में बेचने की यह सरकार की दूसरी प्रयास है. पिछली बार सरकार का एयर इंडिया को बेचने का प्रयास सफल नहीं हुआ था. केंद्र सरकार ने साल 2018 में एयर इंडिया में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रबंधकीय नियंत्रण को निजी हाथों में देने हेतु निविदा जारी की थी.
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