फोर्ब्स द्वारा जारी की गई भ्रष्ट देशों की सूची में भारत को एशिया का सबसे भ्रष्ट देश घोषित किया गया है. अमेरिकी पत्रिका फोर्ब्स ने यह आंकड़े ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के हालिया सर्वे के बाद जारी किए हैं. सर्वे में डेनमार्क में भ्रष्टाचार सबसे कम बताया गया है.
फोर्ब्स द्वारा जारी सूची में एशिया के पांच देशों के नाम हैं, जिन्हें सर्वाधिक भ्रष्ट देश बताया गया है. ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल और एंटी करप्शन ग्लोबल सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार देश को भ्रष्टाचार से मुक्त होने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा.
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है. केंद्र सरकार नोटबंदी और अन्य दूसरे तरीकों से भ्रष्टाचार पर काबू करने के दावे कर रही है, जो पर्याप्त नहीं है.
हालांकि, फोर्ब्स मैगजीन में छपे आर्टिकल में पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की प्रशंसा की गई. फोर्ब्स मैगजीन के आर्टिकल के अनुसार पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने अपने निशान बनाए है.
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार देश के 53 प्रतिशत लोग मानते हैं कि मोदी सही कर रहे हैं और इससे लोगों में अपने पास ताकत होने का अहसास आया है वहीं 63 प्रतिशत लोग मानते हैं कि साधारण लोग ही बदलाव ला सकते हैं.
फोर्ब्स द्वारा जारी सूची में वियतनाम का नाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है, जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है.
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल द्वारा 16 देशों के 20,000 लोगों पर सर्वे किया, जिसे पूरा करने में 18 महीने लगे.
पिछले वर्ष बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भी भ्रष्टाचार पर सर्वे किया, इसमे भारत को 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा गया. सर्वे के अनुसार भारत में ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है.
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