Petrol-Diesel Shortage: भारत में भी श्रीलंका की तरह पेट्रोल और डीजल की किल्लत पैदा हो सकती है, देश में इस तरह की बातें चल रही हैं. बता दें बहुत सारे लोगों के दिमाग में एक ही सवाल चल रहा है कि क्या देश में पेट्रोल-डीजल का संकट (Petrol-Diesel Crisis) आ गया है?. कहा जा रहा है कि इन दिनों देश के कई राज्यों में पेट्रोल पंपों में पेट्रोल खत्म हो गया है.
मध्य प्रदेश, पजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कमी (Shortage of Petrol and Diesel) से जुड़ी खबरें सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि इन राज्यों में कुछ पेट्रोल पंप (Petrol Pumps) तेल की कमी का सामना कर रहा हैं.
Production of petrol & diesel is sufficient to take care of any demand surge. Current temp situation in some states is due to sudden increase in demand & logistics issues. #NoFuelShortage #AmpleSupply @PMOIndia @HardeepSPuri @Rameswar_Teli @DDNewslive @PIB_India pic.twitter.com/Qq3Df5fF5W
— Ministry of Petroleum and Natural Gas (@PetroleumMin) June 15, 2022
पेट्रोल-डीजल का संकट
कुछ पेट्रोल पंपों में फ्यूल की कमी की अफवाह तेजी से फैली तथा लोगों को लगने लगा कि पेट्रोल-डीजल का संकट खड़ा हो गया है. सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कुछ राज्यों में पेट्रोल पंप में तेल की कमी क्यों हो रही है. आइए जानते इसकी सच्चाई हैं.
सरकार ने पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर क्या कहा?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की किल्लत (Shortage of Petrol and Diesel) से इन्कार कर दिया है. सरकार ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल का उत्पादन किसी भी मांग में वृद्धि को पूरा करने हेतु पर्याप्त है. इंडियन ऑयल (Indian Oil) के डायरेक्टर ने भी कहा है कि देश में पेट्रोल-डीजल के संकट जैसी बातें केवल अफवाह हैं.
पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ा
केंद्र सरकार ने 15 जून 2022 को कहा कि निजी कंपनियों की तरफ से कटौती करने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (पीएसयू) से जुड़े पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ा है. इस वजह कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कमी का संकट पैदा हो गया है. तेल मंत्रालय का कहना है कि अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जा रही है.
मंत्रालय ने क्या कहा?
मंत्रालय का कहना है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं कर्नाटक में अधिकांश पेट्रोल-डीजल की बिक्री निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों द्वारा की जा रही है. हालांकि, निजी कंपनियों ने तेल आपूर्ति में कटौती कर दी है.
क्यों पेट्रोल-डीजल की किल्लत है?
दरअसल इस वक्त देश में सरकारी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की अच्छी-खासी मांग देखने को मिली है. इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण वजहें हैं. पहली वजह तो यह कि कई राज्यों में धान की बुआई एवं दूसरे खेती से जुड़े कार्यों के चलते डीजल की मांग इस समय बढ़ गई है. दूसरा वजह यह कि पेट्रोल-डीजल की लागत बढ़ जाने से पेट्रोल पंपों पर बोझ काफी ज्यादा बढ़ गया है और वे घाटे में तेल बेच रहे हैं. तीसरी कारण निजी कंपनियों से जुड़ी है. तेल बेचने वाली निजी कंपनियां घाटे से बचने हेतु बिक्री में कटौती कर रही हैं.
मांग में आई अचानक बढ़ोतरी
पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से हाल ही में कहा गया कि मांग में आई अचानक बढ़ोतरी से कुछ जगहों पर आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है. मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल का उत्पादन किसी भी मांग में वृद्धि को पूरा करने हेतु पर्याप्त है. मांग में अचानक वृद्धि और सप्लाई विषयों ने कुछ राज्यों में अस्थायी रूप से आपूर्ति को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि मांग के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है.
भारत में तेल की कुल खपत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में तेल की कुल खपत में लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा पेट्रोल तथा 43 प्रतिशत हिस्सा डीजल का होता है. बता दें की पेट्रोल की रिफाइनिंग आसान होती है, तथा डीजल को रिफाइन करना मुश्किल और ज्यादा लागत वाला होता है. इस वजह से पेट्रोल की उपलब्धता में ज्यादा कमी नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार असली परेशानी डीजल की उपलब्धता को लेकर ही है.
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