GPAI: भारत 21 नवंबर को ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की अध्यक्षता हासिल करेगा. भारत इसकी अध्यक्षता फ्रांस से हासिल करेगा जो वर्तमान में इस पहल का अध्यक्ष है. यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग का समर्थन करने के लिए बनाया गया है. भारत को 2022-23 सत्र के लिए इसकी मेजबानी मिलेगी.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर टोक्यो में आयोजित जीपीएआई की बैठक में इसकी औपचारिकता को पूरी करेंगे. यह विश्व की प्रमुख और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. जिसकी अध्यक्षता अब भारत करेगा.
सत्र 2022-2023 संचालन समिति के लिए, पांच सीटें जापान, फ्रांस (आउटगोइंग काउंसिल चेयर), भारत (उपकमिंग काउंसिल चेयर), कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के पास रहेगी.
After assuming the presidency of G20, a league of the world’s largest economies, India will take over the chair of the Global Partnership on Artificial Intelligence, an international initiative to support human-centric development & use of AI
— PIB in Chandigarh | #AmritMahotsav (@PIBChandigarh) November 20, 2022
Details: https://t.co/3WDnx49yIj
जीपीएआई के बारें मे:
जीपीएआई पहल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सपोर्ट करने और मानव-केंद्रित विकास की पहल को आगे बढ़ाने के लिए गठित किया गया है. यह एक अंतरराष्ट्रीय और बहु-हितधारक पहल है.
इसकी स्थापना 15 जून 2020 में की गयी थी. इस पहल के 25 देश मेम्बर है भारत भी इसका फाउंडर मेम्बर है. यूनेस्को दिसंबर 2020 में इसके पर्यवेक्षक के रूप में साझेदारी की थी.
OECD, जीपीएआई के सचिवालय की मेजबानी करता है, साथ ही इसके शासी निकायों और गतिविधियों का भी संचालन करता है.
भारत की अध्यक्षता का महत्व:
आज दुनिया के अन्य देश भारत को एक एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में देख रहे है, जो भारत की हाल के वर्षो में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में होने वाली प्रगति को दर्शाता है.
ऐसी पहल की अध्यक्षता भारत के नजरिये से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत हाल के समय में देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुडी पहलों को प्राथमिकता पर रखा है.
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वर्ष 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 967 बिलियन अमेरिकी डॉलर जोड़ने का लक्ष्य रखा है.
एआई के क्षेत्र में भारत की पहल:
भारत ने हाल ही में राष्ट्रीय एआई रणनीति और राष्ट्रीय एआई पोर्टल लांच किया है. भारत ने एआई का उपयोग शिक्षा, ई-कॉमर्स, वित्त, दूरसंचार, कृषि, स्वास्थ्य सेवा आदि में कर रहा है. साथ ही भारत एआई को अन्य जरुरी क्षेत्रो में भी विस्तारित करने का प्रयास कर रहा है.
नीति आयोग ने वर्ष 2018 में AI रणनीति जारी की थी. जिसे 'AIForAll' नाम दिया गया था. भारत 'सबका साथ सबका विकास' की उद्देश्य की पूर्ति और सरकारी नीति के अनुरूप समावेशी विकास में एआई का लाभ उठाना चाहता है.
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