महाराष्ट्र सरकार ने 27 दिसंबर 2018 को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन को मंजूरी दी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के फैसले को मंजूरी दी गई.
सरकार के इस फैसले से कम से कम 20.50 लाख कर्मचारियों को फायदा होने जा रहा है. इस निर्णय से राज्य के खजाने पर 38,645 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझा आएगा.
मुख्य तथ्य:
• महाराष्ट्र सरकार ने 01 जनवरी 2019 से अपने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा की है. बेशक ये 01 जनवरी 2019 से लागू होगा लेकिन इसमें वेतन वृद्धि 01 जनवरी 2016 से की गई है.
• कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन फरवरी के भुगतान में मिलेगा और पिछले तीन साल के एरियर का भुगतान पांच किस्तों में कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खाते में किया जाएगा. कर्मचारियों को पिछले 14 महीनों के लिए बकाया महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा. सरकार हर साल 7,731 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
• सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के वेतन में 4,000-5,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि होगी.
• तृतीय श्रेणी कर्मियों वेतन में 5,000-8,000 रुपये प्रतिमाह, द्वितीय और प्रथम श्रेणी कर्मियों के वेतन में 9,000-14,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी.
• इसके अलावा महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नागपुर में आवास लाभ 25 फीसदी रहेगा, जबकि ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और अन्य शहरों में 20 फीसदी तथा अन्य शहरों के लिए 15 फीसदी आवास लाभ प्रस्तावित है.
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