कतर ने 24 अगस्त 2017 को अरब देशों की मांगों की अनदेखी करते हुए ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंध पूरी तरह बहाल कर लिए. अरब देशों का उर्जा संपन्न देश के साथ क्षेत्रीय विवाद चल रहा है और उन्होंने तेहरान के साथ अपने संबंध सीमित कर लिए हैं.
कतर ने अपने निर्णय की घोषणा करते हुए खाड़ी अरब देशों के साथ जून 2017 से चल रहे राजनयिक संकट का जिक्र नहीं किया, जब पश्चिम एशिया को लेकर उसकी नीतियों पर कतर के पड़ोसी देशों ने उसके भूमि तथा वायु मार्गों का संपर्क तोड़ दिया था.
ईरान के साथ राजनयिक संबंध बहाल करने का कतर का यह फैसला सऊदी अरब द्वारा कतर के शाही परिवार के एक सदस्य को तवज्जो देने के कुछ दिन बाद आया है. इस शाही परिवार को वर्ष 1972 में महल के तख्तापलट के दौरान अपदस्थ कर दिया गया था.
कतर के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा किया कि देश के राजदूत तेहरान लौट जाएंगे. वर्ष 2016 के शुरू में सऊदी अरब ने एक प्रमुख शिया उलेमा को मौत की सजा दी थी जिसके बाद कतर ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाते हुए ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. कतर ने ईरान के साथ हर क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की आकांक्षा व्यक्त की है.
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