देश के 10 नए विरासत स्थलों ने 26 जून 2018 को अपने स्वच्छता मानकों को उदाहरणीय स्तर तक बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाई.
केन्द्र तथा राज्य सरकार की एजेंसियों, स्थानीय प्रशासनों तथा प्रतिष्ठित स्थानों के ट्रस्ट/बोर्ड के बीच हैदराबाद में दो दिन के विचार-विमर्श के बाद कार्य योजना तैयार की गई. इस विचार-विमर्श में पूरे देश से आए 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए.
कार्यक्रम के अंतर्गत चुने गए सभी 30 स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थानों की ओर से अपने स्थानों को प्लास्टिक से मुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया.
दस स्वच्छ आइकॉनिक स्थान:
स्वच्छ आइकॉनिक स्थान | स्थान | राज्य |
राघवेन्द्र स्वामी मठ मंत्रालयम | कुर्नूल | आंध्र प्रदेश |
हजारदुआरी पैलेस | मुर्शिदाबाद | पश्चिम बंगाल |
ब्रह्म सरोवर मंदिर | कुरुक्षेत्र | हरियाणा |
विदुर कुटी मंदिर | बिजनौर | उत्तर प्रदेश |
माणा गांव | चमोली | उत्तराखंड |
पनगोंग त्सो | लेह-लद्दाख | जम्मू और कश्मीर |
नाग वासुकी मंदिर | इलाहाबाद | उत्तर प्रदेश |
नुपी किथेल | इम्फाल | मणिपुर |
धर्म आस्था मंदिर | पठानमथिट्टा जिला | केरल |
कण्वाश्रम | कोटद्वार | उत्तराखंड |
पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के समन्वय से यह स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थानों (एसआईपी) का तीसरा चरण है. यह स्वच्छ भारत मिशन की पहल है.
चरण एक और चरण दो में स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थानों में 20 कार्यों की समीक्षा:
- चरण एक और चरण दो में स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थानों में शुरू किए गए 20 कार्यों की समीक्षा की गई.
- विचार-विमर्श और समीक्षा की अध्यक्षता करते हुए पेयजल और स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने अंतर-क्षेत्रीय पहल से हुए प्रगति कार्य पर संतोष व्यक्त किया.
- सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों का कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व समर्थन भी इन स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान में मिला है.
चरण एक का स्वच्छ आइकॉनिक स्थान | चरण दो का स्वच्छ आइकॉनिक स्थान |
अजमेर शरीफ दरगाह | गंगोत्री मंदिर |
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस | यमुनोत्री मंदिर |
स्वर्ण मंदिर | महाकालेश्वर मंदिर |
कामख्या देवी | चार मीनार |
मणिकर्णिका घाट | कॉन्वेंट एंड चर्च ऑफ फ्रांसिस ऑफ एसीसी |
मीनाक्षी मंदिर | कलाडी |
श्री माता देवी वैष्णो देवी | गोमातेश्वर मूर्ति |
श्री जगन्नाथ मंदिर | बैद्यनाथ मंदिर |
ताज महल | गया तीर्थ |
तिरूपति मंदिर | सोमनाथ मंदिर |
स्वच्छ आइकॉनिक स्थल (एसआईपी) |
प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित यह परियोजना राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा समन्वित या संचालित की जा रही है. इन नए स्थलों को आवश्यक सहयोग या सहायता प्रदान करने के लिए सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व) भागीदारों के रूप में सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू)/कंपनियों के चयन को अंतिम रूप देने के लिए सलाह-मशविरा फिलहाल जारी है. एसआईपी इन तीन अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के साथ एक सहयोगात्मक परियोजना है: आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय.इसमें संबंधित राज्यों के स्थानीय प्रशासन शामिल हैं. इसके अलावा, इसमें प्रायोजक भागीदारों के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र और निजी कंपनियां भी शामिल हैं. पहला चरण वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था, जबकि नवंबर 2017 में स्वच्छ आइकॉनिक स्थल का दूसरा चरण लॉन्च किया गया था. स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति का कार्य बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान का अनुसरण करते हुए केन्द्र और चुने गए राज्यों ने देश के प्रतिष्ठित स्थलों को स्वच्छ बनाने का साझा प्रयास शुरू किया गया है. |
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