टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 02 जनवरी 2019 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से - कादर खान का निधन और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय शामिल हैं.
अमेरिका और इज़राइल ने आधिकारिक रूप से यूनेस्को को छोड़ा
अमेरिका और इज़राइल आधिकारिक तौर पर 01 जनवरी 2019 को संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) से अलग हो गए हैं. दोनों देशों ने यूनेस्को से अलग होने की प्रक्रिया लगभग एक वर्ष पहले शुरू की थी. दोनों देशों का आरोप है कि यूनेस्को इज़राइल के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रस्त है.
अमेरिका और इज़राइल का यूनेस्को से अब अलग होना महज प्रक्रियाओं से जुड़ा मामला है, लेकिन फिर भी इसे वैश्विक संगठन के लिए झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित किए गए यूनेस्को के संस्थापक देशों में अमेरिका भी शामिल रहा है.
एमएसएमई क्षेत्र के लिए निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना की गई
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने हाल ही में एमएसएमई विकास के लिए एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से एक निर्यात संवर्धन सेल की स्थापना की है. इस परिषद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और वाणिज्य मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम निर्यात संवर्धन परिषद, निर्यात विकास प्राधिकरण, कमोडिटी बोर्ड और अन्य निकायों के वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य शामिल होंगे.
एमएसएमई क्षेत्र से निर्यात की वर्तमान स्थिति, एमएसएमई संबंधित उत्पादों का मूल्य 147,390.08 मिलियन डॉलर है और 2017-18 के दौरान देश के निर्यात में एमएसएमई से संबंधित उत्पादों की हिस्सेदारी 48.56% थी.
बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता कादर खान का निधन
भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और लेखक कादर खान का 01 जनवरी 2019 को निधन हो गया. वे 81 वर्ष के थे. कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कुछ समय से कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कादर खान को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया कि कादर खान जी ने अपने शानदार अभिनय कौशल से स्क्रीन को रौशन किया तथा अपने अनूठे अंदाज़ से सबका मनोरंजन किया, उनके जाने का बेहद दुख है.
मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार कादर खान को प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी (पीएसपी) नामक बीमारी थी, जिसकी वजह से उन्हें संतुलन बनाने में तथा चलने-फिरने में दिक्कत होती थी. इसके अतिरिक्त उन्हें डिमेंशिया की भी समस्या थी.
आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना को अलग-अलग उच्च न्यायालय मिला
आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना को 01 जनवरी 2019 को अपना अलग-अलग उच्च न्यायालय दिया गया है. आंध्र प्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना राज्य गठित किये जाने के चार वर्ष से अधिक समय बाद यह कदम उठाया गया है. आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय भारत का 25वां उच्च न्यायालय है.
न्यायमूर्ति थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन ने हैदराबाद में तेलंगाना उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल लिया. जबकि, सी. प्रवीण कुमार ने विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की.
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