टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 07 दिसंबर 2018 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से - जलवायु जोखिम सूचकांक और संयुक्त युद्धाभ्यास शामिल हैं.
स्वास्थ्य देखभाल और आरोग्य के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 06 दिसंबर 2018 को स्वास्थ्य देखभाल और आरोग्य के क्षेत्र में भारत और जापान सरकार के कनागवा प्रीफैक्चरल के बीच समझौता ज्ञापन (एमओसी) को मंजूरी दे दी. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.
सहयोग ज्ञापन की हस्ताक्षरित प्रतिलिपि प्राप्त करने के बाद दोनों पक्षों की गतिविधियां शुरू होंगी. दोनों देशों के द्वारा प्रारंभ किए जाने वाले कार्यक्रमों की शर्तें समझौता ज्ञापन के अनुसार होंगी. यह एक निरंतर प्रक्रिया होगी जब तक यह ज्ञापन अवधि समाप्त नहीं हो जाती.
एक स्वतंत्र विकास संगठन जर्मनवॉच द्वारा हाल ही में जलवायु जोखिम सूचकांक-2019 जारी किया गया. इस सूचकांक में भारत को पिछले 20 वर्षों की जलवायु संबंधी घटनाओं के आधार पर 14वें स्थान पर रखा गया है. इस रैंकिंग में भारत के चार पड़ोसी राष्ट्रों की तुलना में भारत को बेहतर रैंकिंग प्राप्त हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, इस रैंकिंग में म्याँमार तीसरे, बांग्लादेश सातवें, पाकिस्तान आठवें और नेपाल ग्यारहवें स्थान पर है.
यह सूचकांक स्पष्ट करता है कि भारत के चारों पड़ोसी देश चरम मौसमी घटनाओं द्वारा अधिक प्रभावित क्यों होते हैं. यह सूचकांक मौत और आर्थिक नुकसान के मामले में मौसमी घटनाओं (तूफ़ान, बाढ़, भयंकर गर्मी इत्यादि) के मात्रात्मक प्रभाव का विश्लेषण करता है. साथ ही यह सूचकांक इन प्रभावों का लेखा-जोखा पूर्णरूप में और साथ ही संबंधित शर्तों के साथ रखता है.
भारत और चीन के मध्य संयुक्त युद्धाभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड’ का आयोजन
हाल ही में भारत और चीन की सेनाओं के मध्य आयोजित किये जाने वाले हैंड इन हैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास की घोषणा की गई. इस युद्धाभ्यास के अंतर्गत भारत और चीन की सेनाओं के बीच सैन्य कूटनीति और संपर्क के हिस्से के तौर पर प्रतिवर्ष युद्धाभ्यास हैंड-इन-हैंड आयोजित किया जाता है.
वर्ष 2018 के लिए संयुक्त युद्धाभ्यास चीन के चंगतू में 10 से 23 दिसंबर तक आयोजित होगा. दोनों देशों की सेनाओं के बीच निकटतापूर्ण संबंध बनाना और उसे बढ़ावा देना इस युद्धाभ्यास का लक्ष्य है. दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास से उनकी क्षमता भी बढ़ती है.
कृषि निर्यात नीति 2018 को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 06 दिसंबर 2018 को देश की पहली कृषि निर्यात नीति 2018 को मंजूरी प्रदान की. इस नीति का मकसद 2022 तक कृषि उत्पादों का निर्यात 60 अरब डॉलर करना है ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके. फिलहाल 37 अरब डॉलर है.
कृषि निर्यात नीति व्यवस्था के माध्यम से किसानों को निर्यात के अवसरों का लाभ मिलेगा. इस नीति से अधिकतर जैविक और प्रसंस्कृत आहार के निर्यात पर अंकुश समाप्त हो जाएगा तथा कृषि उत्पादों के निर्यात के कई रास्ते खुलेंगे.
रावी नदी पर शाहपुरकंडी बांध परियोजना के क्रियान्वयन को मंजूरी प्रदान की गई
केंद्र सरकार ने 06 दिसंबर 2018 को पंजाब में रावी नदी पर शाहपुरकंडी बांध परियोजना के क्रियान्वयन को मंजूरी प्रदान की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की कि पंजाब सरकार और केंद्र इस परियोजना को 2022 तक पूरी कर लेगी जिसके लिए 485.38 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता दी जाएगी. यह राशि 2018-19 से लेकर 2022-23 के बीच सिंचाई के लिए खर्च की जाएगी बताया जा रहा है कि यह परियोजना पंजाब के विभिन्न स्थानों के लिए कई मायनों में लाभदायक होगी.
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