विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई 2017 को विश्व भर में मनाया गया. वर्ष 2017 का विषय है - तंबाकू- विकास के लिए एक खतरा (Tobacco – a threat to development). यह दिन सभी रूपों में तंबाकू की और तंबाकू की खपत को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों की वकालत करता है और तंबाकू खपत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डालता है.
तंबाकू उत्पादों का अवैध व्यापार स्वास्थ्य, कानूनी और आर्थिक, शासन और भ्रष्टाचार सहित प्रमुख वैश्विक चिंता का विषय है. पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों से बचाने हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है.
दूसरों पर इसकी जटिलताओं के साथ ही तंबाकू इस्तेमाल के नुकसानदायक प्रभाव के संदेश को फैलाने के लिये वैश्विक तौर पर लोगों का ध्यान खींचना इस उत्सव का लक्ष्य है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सभी देशों से तंबाकू उत्पादों पर कर बढ़ाने की अपील की है ताकि नये लोगों को तंबाकू सेवन का आदी होने से बचाया जा सके.
डब्ल्यूएचओ के आकड़ों के अनुसार:
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, तंबाकू उत्पादों पर 50 प्रतिशत की कर बढ़ोत्तरी से तीन वर्षों में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या घटकर 49 मिलियन हो जाएगी और इस प्रकार 11 मिलियन लोगों का जीवन बचा सकते हैं. तंबाकू के सेवन से हर वर्ष 10 में कम से कम एक व्यक्ति की मौत जरुर हो जाती है जबकि पूरे विश्व भर में 1.3 बिलियन लोग तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं. वर्ष 2020 तक 20-25% तंबाकू के इस्तेमाल को घटाने के द्वारा हम लगभग 100 मिलीयन लोगों की असामयिक मृत्यु को नियंत्रित कर सकते हैं.
डब्ल्यूएचओ आकड़ों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष छह मिलियन लोग तंबाकू के सेवन के कारण मर जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों ने वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाये जाने की घोषणा की थी.
तंबाकू के प्रभाव से होने वाले दुष्परिणाम:
तंबाकू में अत्यधिक नशे की आदत वाला निकोटीन नामक पदार्थ होता है. निकोटीन आपको कुछ समय के लिए बेहत्तर महसूस कराता हैं, लेकिन इसका लंबे समय तक उपयोग, आपके हृदय, फेफड़े और पेट के साथ-साथ आपके तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता हैं जिससे खाँसी और गले में परेशानी होना, धब्बेदार त्वचा, दांतों का रंग ख़राब (दांतों का पीलापन) होना आदि है. एक अवधि के बाद, व्यक्ति का शरीर, शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर निकोटीन का आदी हो जाता है तथा अंत में व्यक्ति गंभीर स्वास्थ्यगत समस्याओं से पीड़ित हो जाता है.
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