स्वीडन की स्टाकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अंतरराष्ट्रीय हथियार हस्तांतरण विषयक शोध के नए आंकड़ों में वर्ष 2006-10 की अवधि के दौरान भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन गया. इस अवधि में विश्व के सकल खरीद में 6 प्रतिशत खरीदारी के साथ चीन दूसरे स्थान पर, करीब 6 प्रतिशत के साथ ही दक्षिण कोरिया तीसरे पर और 5 प्रतिशत के साथ पाकिस्तान चौथे स्थान पर है. वर्ष 2006 से 2010 की अवधि में विश्व के कुल हथियारों के खरीददारी में भारत की हिस्सेदारी सकल खरीद की 9 प्रतिशत थी. भारत ने हथियारों की अपनी कुल खरीददारी का 82 प्रतिशत खरीददारी रूस से की.
वर्ष 2006-10 की अवधि में हथियारों के चारों सबसे बड़े खरीदार एशिया महाद्वीप के ही थे. ये सभी परंपरागत हथियारों का विशेष रूप से छोटे लड़ाकू विमान और समुद्री रक्षा प्रणाली का आयात कर रहे हैं. वर्ष 2006-10 के दौरान भारत की हथियार खरीद मात्रा में 21 प्रतिशत की तथा एयरक्राफ्ट की खरीद में 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. पाकिस्तान के संदर्भ में इस दौरान उसके हथियार आयात में 128 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.
विदित हो कि इससे पहले वर्ष 1992 में भारत विश्व में सबसे अधिक हथियार खरीदने वाला देश बना था. भारत ने वर्ष 2011-12 के लिए अपना रक्षा बजट 40 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1500 अरब रुपए रखा है.
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