14 नवंबर 2015 को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने डीआरडीओ द्वारा विकसित उन्नत टारपीडो रक्षा प्रणाली मारीच को विशाखापत्तनम में नौसेना प्रमुख एडमिरल रॉबिन धवन को समर्पित किया.
मारीच की मुख्य विशेषताएं –
- मारीच नौसेना की समुद्रविज्ञान प्रयोगशाला एनपीओएल कोच्चि और एनएसटीएल विशाखापत्तनम की एक संयुक्त परियोजना है
- टारपीडो का पता लगाने और प्रत्युत्तर के लिए यह अत्याधुनिक स्वदेशी प्रणाली है.
- यह प्रणाली किसी भी टारपीडो हमले के खिलाफ नौसेना की रक्षा उपायों को लागू करने में सहयोग प्रदान करेगा.
- यह प्रणाली आने वाले टारपीडो का पता लगाने, हटाने,भ्रमित करने और नष्ट करने में सक्षम है.
- दो उत्पादन ग्रेड मारीच प्रणाली विकसित किया गया है और उपयोगिता मूल्यांकन परीक्षण दो भारतीय नौसेना के जहाजों पर पूरा किया गया.
- इस प्रणाली के विकास से भारत दुनिया के उन देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनके पास नौसेना प्लेटफार्म और हथियार प्रणालियों के व्यापक हाइड्रोडायनामिक मॉडल परीक्षण का कार्य करने की क्षमता है.
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