सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने अपने पूंजीगत व्यय के आंशिक वित्त पोषण के लिए 3000 करोड़ रुपए के दो ऋण समझौतों पर 9 दिसंबर 2014 को हस्ताक्षर किए. कंपनी ने एचडीएफसी बैंक के साथ 2000 करोड़ रुपए तथा सिंडिकेट बैंक के साथ 1000 करोड़ रुपए के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए.
समझौते के मुताबिक इस ऋण को कंपनी 15 वर्ष में पूरी तरह चुका देगी और इसका उपयोग पूंजीगत व्यय के आंशिक वित्त पोषण के लिए किया जाएगा. कंपनी को मौजूदा कारोबारी वर्ष में 22400 करोड़ रुपए खर्च करने की उम्मीद है. पूंजीगत वस्तुओं पर कंपनी ने गत वर्ष 21705 करोड़ रुपए खर्च किए थे.
राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड के बारे में
भारत की सबसे बड़ी विद्युत कंपनी एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) की स्थापना 7 नवंबर 1975 में भारत में विद्युत उत्पा्दन में तेजी लाने के लिए की गई. यह भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है जो मुम्बई स्टॉक विनिमय (Bombay Stock Exchange) में पंजीकृत है. इसमें वर्तमान में भारत सरकार का हिस्सा 89.5 प्रतिशत है.
फोर्ब्स की वर्ष 2014 के लिए विश्व की 2000 सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में एनटीपीसी को 424वां स्थान प्राप्त है. वर्तमान 43128 मेगावॉट उत्पादन क्षमता के साथ एनटीपीसी ने वर्ष 2032 तक 128000 मेगावॉट कंपनी बनने की योजना बनाई है.
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