भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी एस. जयशंकर ने विदेश सचिव का पदभार 29 जनवरी 2015 को ग्रहण किया. एस. जयशंकर ने सुजाता सिंह का स्थान लिया. भारत के विदेश सचिव नियुक्त होने से पहले एस. जयशंकर अमेरिका में भारत के राजदूत रहे. विदेश सचिव के रूप में इनका कार्यकाल दो वर्ष का है.
भारत सरकार ने सुजाता सिंह को विदेश सचिव के पद से हटा दिया. वर्ष 1987 के बाद से सुजाता सिंह पहली ऐसी विदेश सचिव हैं जिन्हें पद से अनौपचारिक तरीके से हटाया गया. इसके पहले वर्ष 1987 में राजीव गांधी ने एपी वेंकेटेश्वरण को विदेश सचिव से हटाया था.
चोकिला अय्यर और निरूपमा राव के बाद सुजाता सिंह विदेश सचिव बनने वाली तीसरी महिला है.
एस जयशंकर से संबंधित मुख्य तथ्य
• एस जयशंकर 1977 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी हैं. वह नाभिकीय कूटनीति के विशेषज्ञ हैं.
• अमेरिका में राजदूत बनाए जाने से पहले जयशंकर चीन, सिंगापुर और चेक गणराज्य में भारत के राजदूत रह चुके हैं.
• एस जयशंकर के पिता के. सुब्रह्मण्यम देश के सामरिक विश्लेषक व नौकरशाह थे.
• एस जयशंकर का जन्म नई दिल्ली में हुआ था.
• एस जयशंकर ने 2008 में अमेरिका के साथ हई न्यूक्लियर डील में अहम भूमिका अदा की थी.
• विदेश सचिव के पद पर नियुक्ति के समय आईएफएस अधिकारी जयशंकर की सेवानिवृत्ति में केवल दो दिन का समय बचा था.
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