पकोड़े को अंग्रेजी में क्या कहते है? यहां चेक करें
पकोड़े को अंग्रेजी में फ्रिटर (fritter) कहते हैं। यह एक लोकप्रिय भारतीय स्नैक है, जिसे मसालेदार बेसन के घोल में सब्जियों, मांस या पनीर को लपेटकर और फिर तेल में तलकर बनाया जाता है। आइए, इसका अंग्रेजी नाम, इसकी उत्पत्ति, प्रकार और इससे जुड़ी कुछ मजेदार बातें जानते हैं।
Pakoda in English: पकोड़ा एक मशहूर तला हुआ स्नैक है, जिसे पूरे भारत में पसंद किया जाता है। खास तौर पर बारिश के दिनों और त्योहारों में इसे बहुत चाव से खाया जाता है। इसे बनाने के लिए सब्जियों, पनीर या मांस को मसालेदार बेसन के घोल में डुबोया जाता है और फिर कुरकुरा होने तक तला जाता है। पकोड़ों को चटनी या सॉस के साथ गरमागरम परोसा जाता है। यह लाखों लोगों के लिए एक पसंदीदा कम्फर्ट फूड है। लेकिन, 'पकोड़े' को अंग्रेजी में क्या कहते हैं? आइए, नीचे जानते हैं।
पकोड़े का अंग्रेजी नाम
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अंग्रेजी में, 'पकोड़े' को आम तौर पर 'फ्रिटर' (fritter) कहा जाता है। फ्रिटर एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें सामग्री को घोल में लपेटकर सुनहरा भूरा होने तक तला जाता है। हालांकि “फ्रिटर” शब्द का इस्तेमाल दुनिया भर में होता है, लेकिन भारतीय पकोड़ों का स्वाद अनोखा होता है। इसका कारण चने के आटे (बेसन) और पारंपरिक मसालों का उपयोग है।
पकोड़े की उत्पत्ति
पकोड़े सदियों से भारतीय खानपान का हिस्सा रहे हैं। भोजन को घोल में लपेटकर तलने की विधि का पता प्राचीन खाना पकाने की परंपराओं से लगाया जा सकता है। भारत में, बेसन इसकी मुख्य सामग्री बन गया, जिससे पकोड़ों को उनका खास स्वाद और बनावट मिली। समय के साथ, यह स्नैक दक्षिण एशिया में फैल गया और एक जरूरी स्ट्रीट फूड बन गया।
पकोड़े के लोकप्रिय प्रकार
पकोड़े कई तरह के होते हैं, जो मुख्य सामग्री पर निर्भर करते हैं। कुछ लोकप्रिय प्रकारों में प्याज पकोड़ा, आलू पकोड़ा, पनीर पकोड़ा, पालक पकोड़ा, ब्रेड पकोड़ा और मिक्स वेजिटेबल पकोड़ा शामिल हैं। हर प्रकार का अपना अलग स्वाद होता है और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे पसंद किया जाता है।
पकोड़े का सांस्कृतिक महत्व
भारत में पकोड़े सिर्फ एक स्नैक नहीं हैं, बल्कि एक एहसास हैं। मानसून के मौसम में एक कप गर्म चाय के साथ इनका खास तौर पर आनंद लिया जाता है। त्योहारों, शादियों और सड़क किनारे की चाय की दुकानों पर अक्सर मेहमानों के लिए गरमागरम तले हुए पकोड़े परोसे जाते हैं।
पकोड़े के बारे में कुछ मजेदार तथ्य
बारिश के दिनों का पसंदीदा: पकोड़ों का मजा बारिश के मौसम में चाय के साथ लिया जाता है। इसका कुरकुरापन और मसालेदार स्वाद इसे मानसून का एक बेहतरीन कम्फर्ट फूड बनाता है।
बेसन से बनते हैं: कई दूसरे फ्रिटर्स गेहूं के आटे से बनते हैं, लेकिन पकोड़े बेसन के घोल में लपेटकर बनाए जाते हैं। इससे उन्हें एक अलग स्वाद मिलता है और वे ग्लूटेन-फ्री भी होते हैं।
स्ट्रीट फूड का स्टार: पकोड़े पूरे भारत में एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड हैं। ये जल्दी बन जाते हैं, सस्ते होते हैं और हमेशा गरमागरम परोसे जाते हैं।
कई प्रकार: पकोड़ों के अनगिनत प्रकार हैं – सब्जियों से लेकर पनीर और मांस तक। इस वजह से यह हर तरह के स्वाद वाले लोगों के लिए एक बढ़िया स्नैक है।
दुनिया भर में मिलते-जुलते स्नैक्स:
हालांकि पकोड़े भारतीय हैं, लेकिन दुनिया भर में इसी तरह के फ्रिटर-स्टाइल स्नैक्स मौजूद हैं, जैसे कि जापानी टेम्पुरा और ब्रिटिश फिश फ्रिटर्स। यह दिखाता है कि तले हुए स्नैक्स के लिए प्यार वास्तव में हर जगह है।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.