मुख्य न्यायधीश एचएल दत्तू, न्यायधीश आरके अग्रवाल और अरुण मिश्रा की तीन सदस्यीय पीठ ने 5 नवम्बर 2015 को केरल सरकार के ऑनलाइन लॉटरी को प्रतिबंधित करने वाले फैसले को सही ठहराते हुए इसे जारी रखने का फैलसा किया.
पीठ ने यह फैसला ऑल केरला ऑनलाइन लॉटरी डीलर एसोसिएश्न, सिक्किम व अन्य से संचालित होने वाली ऑनलाइन लॉटरी कम्पनी के संचालकों के द्वारा की गई अपील के विरुद्ध दिया. फैसला देते हुए पीठ ने कहा की ऑनलाइन लॉटरी एक सामजिक बुराई है जो जो गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है. इसके अतिरिक्त न्यायालय ने यह भी कहा की इसमें संशोधन के बहुत आसार हैं और इसमें रूक लगाने में कोई बुराई नहीं है. ऑनलाइन लॉटरी में दैनिक वेतन भोगी और कम आय वर्ग वाले लोग फंस रहे हैं.
न्यायालय ने कहा कि मेघालय, सिक्किम और नागालैंड में बेची गई ऑनलाइन लॉटरी में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन किया गया है.
विदित हो केरल सरकार ने वर्ष 2005 में लॉटरी के सभी प्रारूपों पर प्रतिबन्ध लगा दिया था.
Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1 Current Affairs App
Comments
All Comments (0)
Join the conversation