केन्द्रीय जहाजरानी मंत्रालय ने ऑटोमोबाइल इकाइयों के निर्यात के लिए 3 मार्च 2015 को टोयोटा के साथ समझौता किया जिसके तहत ऑटोमोबाइल इकाइयों का निर्यात कामराजार पोर्ट लिमिटेड के माध्यम से किया
जाएगा.
समझौते की अवधि 10 वर्ष है. इस समझौते के तहत मूल उपकरण निर्माता(ओईएम) केपीएल का इस्तेमाल प्रमुख पोर्ट के तौर पर करेंगे और बदले में केपीएल आसान परिचालन सुनिश्चित करने के लिए कुछ खास
सुविधाओं के शुल्क् पर मात्रा आधारित(वॉल्यू म बेस्ड) छूट देगा.
कामराजार पोर्ट 12 प्रमुख बंदरगाहों में सबसे छोटा है जिसका विकास ‘लैंड लार्ड पोर्ट’ के रूप में किया गया है.कामराजर पोर्ट के नियंत्रण में जनरल कार्गो बर्थ(जीसीबी) है. इस बर्थ में सभी तरह के कार वाहकों को समायोजित करने की क्षमता है.
इस पोर्ट ने 141000 वर्ग मीटर के आकर वाला विशाल कार पार्किंग यार्ड भी विकसित किया है, जिसमें 10000 कारों को पार्क करने की क्षमता है.
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