पूर्व आईएएस अधिकारी जावेद उस्मानी ने 17 फरवरी 2015 को उत्तर प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) (उत्तर प्रदेश) के रूप में शपथ ग्रहण की. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने लखनऊ के राजभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
जावेद उस्मानी ने राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ ग्रहण की. जावेद उस्मानी को नवंबर 2014 में उत्तर प्रदेश का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया. इस नियुक्ति के दौरान वह राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष थे जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुरूप नहीं था.
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को इस वैधानिक पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता जब तक कि वह सरकारी सेवा में है.
जावेद उस्मानी वर्ष 1978 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य किया है. जावेद उस्मानी ने एचडी देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह सहित कई प्रधानमंत्रियों के संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया है.
उन्होंने वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में भी सेवा दी है.
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की चतुर्थ अध्याय के अनुसार राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त राज्य के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली नियुक्ति समिति द्वारा नियुक्त किया जाता है. समिति के अन्य सदस्यों में विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री शामिल होता है.
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों को कानून, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, मास मीडिया या प्रशासन और शासन का विस्तृत ज्ञान और अनुभव होना चाहिए.
वे संसद या किसी राज्य के विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश का सदस्य नहीं होगा. इस स्थिति में किसी लाभ के पद पर या किसी राजनीति दल के सदस्य या किसी व्यापार अथवा किसी अन्य कार्य में संलग्न हो सकते हैं.
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