धूम्रपान दृश्य वाली फिल्मों को रेट करने की डब्ल्यूएचओ ने सिफारिश की

Feb 17, 2016, 19:10 IST

डब्ल्यूएचओ के स्मोक–फ्री मूविज के तीसरे संस्करण के अनुसार कार्रवाई रिपोर्ट के साक्ष्यों के आधार पर तंबाकू उत्पादों के उपयोग को दिखाने वाली फिल्मों ने दुनिया भर में करोड़ों युवाओं को धूम्रपान शुरु करने के लिए उकसाया है.

1 फरवरी 2016 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जिनेवा में सभी सरकारों से बच्चों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए धूम्रपान दृश्य वाली फिल्मों को रेट करने की सिफारिश की.

डब्ल्यूएचओ के स्मोक–फ्री मूविज के तीसरे संस्करण के अनुसार कार्रवाई रिपोर्ट के साक्ष्यों के आधार पर तंबाकू उत्पादों के उपयोग को दिखाने वाली फिल्मों ने दुनिया भर में करोड़ों युवाओं को धूम्रपान शुरु करने के लिए उकसाया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संयुक्त राज्य के बाहर बनने वाली कई फिल्मों में भी धूम्रपान के दृश्य होते हैं. सर्वेक्षण बताते हैं छह यूरोपीय देशों – जर्मनी, आईसलैंड,इटली, पोलैंड, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंग्डम और लैटिन अमेरिका के दो देश– अर्जेंटीना और मैक्सिको में बनी और सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में तंबाकू कल्पना दिखती है.

आइसलैंड और अर्जेंटीना की दस में से नौ फिल्मों में धूम्रपान दिखाई देता है. इनमें वे फिल्में भी शामिल हैं जिन्हें युवाओं के लिए रेट किया गया है.

डब्ल्यूएचओ की स्मोक– फ्री मूवी रिपोर्ट ने डब्ल्यूएचओ एफसीटीसी की धारा 13 के दिशानिर्देशों की तर्ज पर निम्नलिखित नीति उपायों की अनुशंसा की है–

• तंबाकू कल्पना के साथ फिल्मों के लिए उम्र वर्गीकरण की जररुत ताकि फिल्मों में तंबाकू कल्पना के लिए युवाओं का समग्र जोखिम कम किया जा सके.
• फिल्म की क्रेडिट में यह लिखना की फिल्म के निर्माता को फिल्म में तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल या उसे दिखाने के बदले किसी से भी कुछ नहीं मिला है.
• फिल्मों में तंबाकू के ब्रांड दिखाना बंद करना.
• सभी वितरण चैनलों (सिनेमा, टेलीविजन, ऑनलाइन आदि) पर तंबाकू कल्पना वाली फिल्मों के  शुरु होने से पहले प्रभावशाली धूम्रपान विरोधी विज्ञापनों को जरूर दिखाया जाएगा.
• इसके अलावा रिपोर्ट में धूम्रपान को बढ़ावा देने वाले मीडिया प्रोडक्शंस को सरकारी सब्सिडी के लिए अयोग्य करने की भी सिफारिश की गई है.

डब्ल्यूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल (डब्ल्यूएचओ एफसीटीसी)

2005 से प्रभावी हुए एफसीटीसी डब्ल्यूएचओ के तत्वाधान में पहला अंतरराष्ट्रीय संधि था जिसपर सहमति बनी थी. इसने तंबाकू के खिलाफ वैश्विक संघर्ष के लिए समन्वय और उसे ऊर्जावान बनाने में सफलतापूर्वक मदद की.

यह सम्मेलन (सीओपी) शासी निकाय की सभा है और इसमें सभी 180 सदस्य हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत तंबाकू के विज्ञापन, प्रोत्साहन और प्रायोजन पर प्रतिबंध लगाने को बाध्य हैं.

सीओपी परंपरा के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा करता है और इसकी प्रभावकारिता को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. सीओपी का नियमित सत्र दो वर्षों के अंतराल पर आयोजित किया जाता है.

भारत नवंबर 2016 में नोएडा में कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज (सीओपी7) के सांतवें सत्र और मीटिंग ऑफ द पार्टीज (एमओपी1) के पहले सत्र की मेजबानी करेगा.

Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1  Current Affairs App

 

यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, डिफेन्स और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम दैनिक, साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स और अपडेटेड जीके हिंदी में यहां देख और पढ़ सकते है! जागरण जोश करेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें!

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS

Trending

Latest Education News