नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 17 फरवरी 2016 को परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 11 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 9 में संशोधन करने को मंजूरी प्रदान की.
इससे चुनाव आयोग को निर्धारित क्षेत्र में परिसीमन के लिए अधिकार प्राप्त हो जायेगा एवं पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का अधिकार प्राप्त होगा. यह 51 बांग्लादेशी परिक्षेत्रों और 111 भारतीय परिक्षेत्रों के आदान-प्रदान पर 31 जुलाई 2015 से निर्धारित नियमों के लिए प्रभावी होगा.
यह संविधान (100वां संशोधन) अधिनियम 2015 के अनुरूप है और इसके साथ ही संसद में निर्वाचन कानून (संशोधन) विधेयक 2016 के नाम से एक विधेयक पेश करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है.
पृष्ठभूमि
• भारत और बांग्लादेश के बीच एक ऐतिहासिक संधि में 51 बांग्लादेशी परिक्षेत्रों तथा भारतीय क्षेत्र में 111 भारतीय परिक्षेत्रों पर 31 जुलाई 2015 से प्रभावी विमर्श किया गया.
• इससे पश्चिम बंगाल में स्थित कूच बिहार जिले के भूगोल और जनसांख्यिकी पर बदलाव दिखेगा.
• भौगोलिक और जनसांख्यिकीय बदलाव को ध्यान में रखते हुए परिसीमन अधिनियम, 2002 की धारा 11 और अधिनियम, 1950 की धारा 9 के तहत चुनाव आयोग ने संशोधन किये जाने की सिफारिश की. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले परिसीमन कर दिया जायेगा.
परिसीमन
• संविधान के अनुच्छेद 82 के अधीन, प्रत्येक जनगणना के पश्चात् कानून द्वारा संसद एक परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है.
• परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियम के उपबंधों के अनुसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के सीमाओं को सीमांकित करता है.
• निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन 1971 के जनगणना आँकड़ों पर आधारित है.
• भारत में 4 बार, 1952, 1963, 1973 एवं 2002 परिसीमन आयोग का गठन किया गया.
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