राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया. यह सम्मान 27 मार्च 2015 को नई दिल्ली में कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके निवास पर प्रदान किया गया. भारत रत्न से नवाजे जाने वाले व्यक्ति को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर की हुई सनद (प्रमाण पत्र) और एक पदक दिया जाता है. इसमें कोई धन राशि नहीं होती.
महामना पंडित मदनमोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने की घोषणा 24 दिसंबर 2014 को की गई थी. वाजपेयी और महामना इस पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले 44वें व 45वीं हस्ती हैं.
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ. ये वर्ष 1996 (13 दिन) एवं वर्ष 1998 से 2004 तक (कुल तीन बार) भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे. वाजपेयी द्वारा ग्रहण किये गए अन्य पुरस्कार हैं
1992: पद्म विभूषण
1993: डी लिट (कानपुर विश्वविद्यालय)
1994: लोकमान्य तिलक पुरस्कार
1994: श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार
1994: भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार
24 दिसम्बर 2014 में भारत रत्न से सम्मानित
भारत रत्न से संबंधित मुख्य तथ्य
भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. भारत रत्न देने की व्यवस्था 2 जनवरी 1954 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने की थी. उस समय केवल जीवित व्यक्ति को यह सम्मान दिया जाता था, लेकिन वर्ष 1955 में मरणोपरांत भी सम्मान देने का प्रावधान जोड़ दिया गया. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है. वर्ष 2013 में पहली बार खेल के क्षेत्र में नाम कमानेवालों को भी भारतरत्न देने का निर्णय हुआ और इसी कड़ी में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को चुना गया. वर्ष 2013 में सचिन के साथ ही साथ वैज्ञानिक सीएनआर राव को भी भारत रत्न दिया गया.
विदित हो कि एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है. इस पदक के डिज़ाइन में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना होता है, जिसके नीचे चाँदी में लिखा रहता है "भारत रत्न" और यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है. अब तक कुल 43 लोगों को भारत रत्न दिया जा चुका है.
भारत रत्न से सम्मानित गैर भारतीय
• खान अब्दुल गफ्फार खान (1987)
• नेल्सन मंडेला (1990)
भारत रत्न से सम्मानित देशीयकृत भारतीय नागरिक
• मदर टेरेसा (1980)
पुरस्कार से सम्मानित किए गए सबसे अधिक उम्र के जीवित व्यक्ति
• धोंडो केशव कर्वे (उम्र 100)
मरणोपरांत सबसे अधिक उम्र के व्यक्ति
• वल्लभभाई पटेल सबसे बड़े है (मरणोपरांत 75 वर्ष की आयु में)
सी राजगोपालाचारी, सी.वी. रमन और राधाकृष्णन को सबसे पहले 1954 में इस पुरस्कार से सम्मानित करने किया गया था. राजगोपालाचारी स्वतंत्रता कार्यकर्ता और भारत के एकमात्र भारतीय गवर्नर जनरल थे. सी.वी. रमन मद्रास के एक भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता थे और राधाकृष्णन 1952 से 1962 तक भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति और 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति भी थे.
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