मध्य प्रदेश सरकार ने 5 नवंबर 2015 को पानी की आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क सेवाओं, पानी की निकासी, शहरी परिवहन और पार्कों और ग्रीन सेवाओं से संबंधित बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रस्ताव रखा.
यह योजना 1656 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2015-16 के दौरान अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमरुत) के तहत 32 शहरों और कस्बों के लिए प्रस्तावित की गई.
राज्य की वार्षिक कार्य योजना (एसएएपी) राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्तुत की गई. प्रदेश के 32 मिशन शहरों हेतु सेवा स्तर के सुधार की योजना के आधार पर राज्य की वार्षिक कार्य योजना (एसएएपी) तैयार की गई.
एक्शन प्लान के तहत प्रमुख प्रस्ताव
कुल 1656 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश में केंद्र सरकार ने 672 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जबकि राज्य सरकार 756 करोड़ रुपए के योगदान देगा.
• जल आपूर्ति परियोजनाओं पर 582 करोड़ रुपए की लागत आएगी.
• सीवरेज परियोजनाओं हेतु 926 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी.
• 36 करोड़ रुपए स्टोर्म वॉटर ड्रैनेज पर खर्च किया जाएगा.
• शहरी परिवहन हेतु 70 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी.
• पार्कों और ग्रीन स्थानों के हेतु 41 करोड़ रुपए का प्रावधान होगा
अमृत के पांच साल के मिशन की अवधि के दौरान राज्य सरकार 101 परियोजनाओं पर कुल 8279 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
अमरुत मिशन योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों को केंद्र सरकार से योजना की लागत की एक तिहाई मदद मिलेगी जबकि 10 लाख या उससे कम आबादी वाले शहरों-कस्बों को योजना की 50 प्रतिशत राशि केंद्र से मिलेगी.
10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में निकायों की हिस्सेदारी 16.67 प्रतिशत होगी, जबकि 10 लाख से काम आबादी वाले शहरों में निकायों की हिस्सेदारी योजना की लागत का मात्र 10 प्रतिशत रहेगी.
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