संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) ने 5 मई 2014 को सूचना एवं प्रसार प्रद्यौगिकी (आईसीटी) से संबंधित आकड़े जारी किये. आईटीयू द्वारा जारी इन आकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 को अंत तक विश्व इंटरनेट के तीन बिलियन उपयोगकर्ता होंगे, जिनमें से दो-तिहाई विकासशील देशों में होंगे. तीन बिलियन जनसंख्या वास्तव में विश्व की कुल जनसंख्या का 40 प्रतिशत है.
इसके अतिरिक्त, आईटीयू आकड़ों के अनुसार संदर्भित अवधि तक इटरनेट उपयोगकर्ताओ की कुल संख्या का 32 प्रतिशत ऐसे लोग होंगे जो कि मोबाईल से ब्रॉडबैंड उपयोग करते हैं.
आईसीटी से संबंधित आकड़ों से यह भी पता चलता है कि वर्ष 2014 के अंत तक मोबाईल उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या लगभग सात बिलियन पहुंच जाएगी और जिनमें से 75 प्रतिशत जनसंख्या विकासशील देशों की होगी.
आईटीयू आकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 के अंत तक कुछ अन्य क्षेत्रों से संबंधित आकड़े निम्न हैं-
• अफ्रीका – कुल जनसंख्या के पांचवां हिस्से के पास इंटरनेट की सुविधा होगी.
• अमेरिका – दो-तिहाई जनसंख्या के पास ऑनलाइन सुविधाएं होंगी.
• यूरोप – सर्वाधिक 75 प्रतिशत की इंटरनेट पहुंच.
• एशिया प्रशांत क्षेत्र – इंटरनेट इस्तेमालकर्ताओं की सर्वाधिक जनसंख्या.
आकड़े जारी करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाईल ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की संख्या वैश्विक रूप से 2.3 बिलियन पहुंच जाएगी. इस संख्या का 55 प्रतिशत विकासशील देशों की होगा.
आईटीयू आकड़ों से पता चलता है कि मोबाइल ब्रॉडबैंड तीव्रतम वृद्धि वाला क्षेत्र बना रहेगा, जिसकी वृद्धि दर वर्ष 2014 में दहाई में रहेगी. इसके अतिरिक्त, अफ्रीका इस वृद्धि दर में वर्ष 2010 के दो प्रतिशत से वर्ष 2014 में 20 प्रतिशत के साथ अग्रणी रहेगा.
आईटीयू आकड़ों से संबंधित तथ्य
वैश्विक सूचना एवं संचार प्रद्यौगिकी उद्योग में आईटीयू के आकड़े सर्वाधिक विश्वसनीय माने जाते हैं. इन आकड़ों का इस्तेमाल विभिन्न अंतर-सरकारी संस्थाओं, वित्तीय संस्थाओं तथा निजी क्षेत्र विश्लेषकों द्वारा उपयोगी किया जाता है. आईटीयू के दूरसंचार विकास ब्यूरो के निदेशक ब्राहिमा सानोउ हैं.

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