श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने 18 नवंबर 2015 को कार्यकारी प्रेसीडेंसी पद को समाप्त करने और एक नयी चुनाव प्रणाली के अनुमोदन के लिए कैबिनेट पेपर प्रस्तुत किया.
ऐसा करके सिरिसेना “ए कम्पनस्योनेट मैत्री गवर्नेंस-ए स्टेबल कंट्री” थीम के तहत अपना वह चुनावी वायदा पूरा करना चाहते हैं जो उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान श्री लंका की जनता से चुनावी घोषणा पत्र 2015 में किया था.
प्रक्रिया पर अमल कैसे किया जाएगा?
• श्रीलंकाई सांसद डॉ जयंपथि विक्रमरत्ने की अध्यक्षता में इस संबंध में निर्णय लेने के लिए समिति गठित की जाएगी. समिति के मुख्य सदस्य वरिष्ठ वकील सुरेन फर्नांडो और प्रधानमंत्री के अपर सचिव (विधि) बिम्बा तिलकरत्ने होंगे.
• विधि मामलों के अनुभवी प्रोफेसर सूरी रत्नापाला, नया संविधान तैयार करने में सरकार के मुख्य सलाहकार होंगे.
• प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की अध्यक्षता वाली उपसमिति, इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए नियुक्त की जाएगी और उपसमिति अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के समक्ष नवम्बर 2015 के अंत तक प्रस्तुत करेगी.
• इसके बाद विधायी लेखक संविधान में आवश्यक संशोधन का मसौदा तैयार करेंगे.
• नए संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए सरकार संवैधानिक सचिवालय स्थापित करने के लिए संसद में एक प्रस्ताव पारित कर सकती है.
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